पुरुषों की तुलना में बिहार की महिलाएं अधिक मुखर, सीएम नीतीश कुमार के सामने उठा रहीं अपने हक की बात

बिहार की महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक मुखर होकर अपनी बात मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने रख रही हैं। जनता दरबार में पहुंची महिलाओं ने सीएम के सामने अपनी बात स्पष्ट रूप से रखा। जनता दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में समस्या लेकर आए लोगों की सीएम के समक्ष अपनी बात रखने के अंदाज का विश्लेषण करें तो यह दिखता है कि महिलाएं ज्यादा स्पष्ट तरीके से टू द प्वाइंट अपनी बात कह रहीं हैं। इस बात से कहा जा सकता है कि महलाओं में शिक्षा का स्तर बढ़ा है। इसलिए वह अधिक सशक्त होकर अपनी बात कह रही हैं।

महिला दिवस (Women's Day) : आज नारियों के लिए सबसे बड़ी समस्या है ये Women's  Day Special This is the biggest problem for women today - News Nationअगर उनके शैक्षिक स्तर का विश्लेषण करें तो बड़ी संख्या मे अनपढ़ महिलाएं भी अपनी बात लेकर मुख्यमंत्री के समक्ष पहुंचतीं हैं। वह शुद्ध हिंदी में बात नहीं करती हैं, बल्कि अपने क्षेत्रीय भाषाओं में संवाद करती दिखती हैं। मुख्यमंत्री भी इन महिलाओं के साथ कभी-कभी भोजपुरी और मैथिली में संवाद करते दिखे हैं।

हक की भी कर रहीं बात

ऐसा नहीं कि महिलाएं सिर्फ मामले अटक जाने और उस पर कार्रवाई की गुहार के साथ पहुंच रहीं। हाल के दिनों में यह ट्रेंड भी दिखा है कि वह अपने हक की बात करती दिखीं हैं। जिस सोमवार को मुख्यमंत्री समाज कल्याण विभाग से जुड़े विषय पर गुहार सुनते हैं, उस दिन महिलाओं की यह शिकायत खूब पहुंचती थी कि आंगनबाड़ी सेविका के चयन में धांधली की गई है। उनका नंबर अधिक था, पर दूसरी महिला का चयन हो गया।

ऐसे में बड़ी संख्या में इस तरह की शिकायतें आईं तो इसके लिए नियमावली पर काम शुरू हुआ। शिक्षा विभाग में धांधली की बात भी मुख्यमंत्री के सामने लेकर महिलाएं पहुंचीं। इंदिरा आवास में गड़बड़ी की शिकायत भी वह कर रहीं हैं।

पति के हत्यारे की गिरफ्तारी पर भी कर रहीं बात

कई मामले इस तरह के भी सामने आए जब महिलाएं अपनें पति की हत्या के मामले में हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं हो पाने की गुहार भी बगैर रोए कर रहीं। एक-दो मामले ऐसे भी दिखे कि दहेज की वजह से बेटी को प्रताड़ित करने की बात भी कह रहीं। जमीन को लेकर धांधली की बात भी पूरी तकनीक के साथ बता रहीं महिलाएं।

नई पीढ़ी की लड़कियां भी योजनाओं के हक पर बोल रहीं

नई पीढ़ी की लड़कियां भी समूह में पहुंच मुख्यमंत्री से अपने हक की बात कर रहीं। कुछ माह पहले तक इस तरह के मामले खूब पहुंच रहे थे जब लड़कियां समूह में पहुंचकर मुख्यमंत्री मेधावृत्ति योजना की राशि भुगतान की गुहार लगा रहीं थीं।

ये शिकायतें भी आईं

  • 2014 में शादी हुई थी अब दहेज में स्कॉर्पियो मांग रहा, नहीं देने पर प्रताड़ित किया जा रहा
  • मेरे पति नगर निगम में थे, तीन साल पहले उनकी मृत्यु हो गई पर अभी तक किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं मिली
  • आठ फीट चौड़ी सड़क होने के बाद भी हर घर नाली गली का लाभ नहीं मिल रहा
  • मेरे घर के ऊपर से बिजली का तार गुजर रहा, उसे हटवा दीजिए

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