पटना: एनटीपीसी बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के स्टेज-1 के 660 मेगावाट की दूसरी इकाई से वाणिज्यिक प्रचालन की उद्घोषणा के साथ ही प्लांट की चौथी इकाई से विद्युत उत्पादन 31 जुलाई की मध्य रात्रि से शुरू हो गया है. परिणामस्वरूप भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तय आवंटन के हिसाब से इस यूनिट से 60 प्रतिशत यानि 396 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति गृह राज्य बिहार को होने लगी है. शेष बिजली झारखंड, ओडिशा और सिक्किम राज्यों को दी जा रही है.
396 मेगावाट बिजली बिहार को मिलेगी
एनटीपीसी के प्रवक्ता विश्वनाथ चंदन ने बताया कि आज से बाढ़ स्टेज- I की इस दूसरी यूनिट से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने से इससे उत्पादित बिजली का 60% हिस्सा यानी 396 मेगावाट बिहार को मिलने लगा है. शेष बिजली तय आवंटन के हिसाब से झारखंड, ओडिशा और सिक्किम को दिया जा रहा है. उन्होंने आगे बताया कि बाढ़ प्लांट की 660 मेगावाट पर्यावरण अनुकूल सुपर क्रिटिकल प्रौद्योगिकी आधारित यह चौथी इकाई है. 30 जून को इसका सफल ट्रायल ऑपरेशन (टीओ) के साथ ही जरूरी कमीशनिंग गतिविधियां को पूरा किया गया था.
बिजली आवंटन सीमा में वृद्धि
बाढ़ सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट के दूसरे स्टेज की 660 मेगावाट की दो इकाइयां ( यूनिट 4 और 5) क्रमश: 15 नवंबर, 2014 और 18 फरवरी, 2016 से बिजली का लगातार उत्पादन कर रही हैं. स्टेज I की पहली 660 मेगावाट इकाई नवंबर 2021 से बिजली का वाणिज्यिक उत्पादन कर रही है. बाढ़ संयंत्र के स्टेज I की इस दूसरी यूनिट से आज बिजली के वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने के साथ ही बिहार की बिजली आवंटन सीमा में 396 मेगावाट की वृद्धि हो गई है. बाढ़ संयंत्र से बिहार को मिलने वाली कुल बिजली का कोटा भी 1526 मेगावाट से बढ़कर 1922 मेगावाट तक पहुंच गया है.