बिहार : लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने शुक्रवार को ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ यानी ‘एक देश एक चुनाव’ के विचार पर भाजपा का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने मीडिया से अपनी बात कहते हुए कुछ चिंताओं को दूर करने की ओर भी ध्यान दिलाया।
एक देश; एक चुनाव होना चाहिए : चिराग पासवान
चिराग पासवान ने कहा कि ऐसी तमाम परिस्थितियों के मद्देनजर इस बात को लेकर लम्बे समय से देश में चर्चा चल रही थी, साल 1999-2000 के आसपास से ही। लॉ कमीशन ने ये प्रस्ताव किया था कि एक देश है; एक चुनाव होना चाहिए। मौजूदा प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। इस पर चर्चा के लिए कई सेमिनार आयोजित किए गए। संसद के सदन में भी इसको लेकर और संसदीय समितियों के भीतर भी कई दौर की चर्चा हुई है।
ऐसे में जब इसको अधिकृत तौर पर संभवत: ये जो विशेष सत्र बुलाया गया है। अगर इसको लाया जाता है तो लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यकीनन इसका पूर्ण समर्थन करती है। हम चाहते हैं कि ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ को लागू किया जाना चाहिए। यकीनन इसमें कुछ कमियां हैं, कुछ तकनीकी बाधाएं भी होंगी जिसपर चर्चा करने की जरूरत है। कई ऐसी परिस्थितियां भी होंगी, जिसको पहले से ही हमलोंगों को सुधार करते हुए चलने की जरूरत है। मान लीजिए किसी राज्य में अगर कोई विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाता है तो उस स्थिति में क्या होगा?

लोजपा ने पहले भी दिया था प्रस्ताव
इसमें पहले भी लोक जनशक्ति पार्टी ने प्रस्ताव दिया था कि राज्यों में अगर कोई अविश्वास प्रस्ताव आता है तो विधानसभा में ही इसके साथ विश्वास मत का प्रस्ताव भी लाया जाए।मौजूद सरकार में अगर आपका विश्वास नहीं है तो वैकल्पिक कौन सी सरकार बन सकती है? चुनाव में जाने की बजाय निर्णय विधानसभा के भीतर लिया जाए। ये प्रस्ताव हम लोग पहले भी दे चुके हैं। आने वाले दिनों में जब इसको लेकर चर्चा होगी तो मजबूती से इस प्रस्ताव के पक्ष में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) अपनी बातों को रखने का काम करेगी। संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने पर विपक्ष की ओर से सरकार के डरे होने का आरोप लगाया गया है, इस सवाल का भी चिराग ने जवाब दिया।
प्रधानमंत्री डरे हुए हैं, वो लोग नहीं डरे हैं?
उन्होंने सवाल करने के अंदाज में कहा कि हर चीज में सरकार डरी हुई है या प्रधानमंत्री डरे हुए हैं। एक सरकार जो इतनी स्थिर है, वो डरी हुई है। एक गठबंधन जिसमे आए दिन उनके घटक दल रूठकर उस बैठक से आ जाते हैं। वो लोग डरे हुए नहीं हैं? एक गठबंधन जिसका नेतृत्व इतना मजबूत है, वो डरा हुआ है। एक गठबंधन ऐसा जिसका नेतृत्व अभी तक तय नहीं हुआ है, वो लोग डरे हुए नहीं हैं? एक गठबंधन जिसका नेतृत्व मजबूती से देश हित में बड़े-बड़े फैसले ले रहा है, बल्कि उनको लागू करने का भी काम कर रहा है, वो डरे हुए हैं?
2024 में 2019 से भी बड़ा जनादेश मिलेगा
एक दूसरा गठबंधन जिसके पास ना तो नीति है, ना नीयत है, वो लोग डरे हुए नहीं हैं? ये कहने की राजनीति की भाषा बन गई है। 2018 में भी इसी तरीके ये लोग अविश्वास प्रस्ताव संसद में लेकर आए थे। क्या हुआ 2019 में? 2014 से बड़ा जनादेश मिला। उन्होंने कहा कि एक बार फिर इसी तरह की बातें हो रही हैं। देखना 2024 में हमें 2019 से भी बड़ा जनादेश मिलेगा। एनडीए की सरकार बनेगी।