बिहार : शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों के निर्देश पर डीपीओ सह प्रभारी बीईओ मनीष कुमार सिंह ने गौचरी और धनकुटवा पंचायत के उत्क्रमित उच्च विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया।

उत्क्रमित उच्च विद्यालय गौचरी में छात्रों की उपस्थिति कम पाई गई, जिसको लेकर सभी शिक्षकों का एक दिन का वेतन काट दिया गया। डीपीओ ने बताया कि गौचरी उच्च विद्यालय में 12 वीं कक्षा में 251 छात्र नामांकित हैं। निरीक्षण के दौरान मात्र 100 छात्र उपस्थित पाए गए। डीपीओ ने जब छात्रों की उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया तो वे हैरत में पड़ गए। 2.50 बजे तक छात्रों की उपस्थित दर्ज नही की गई थी।स्कूल में 50 प्रतिशत से भी कम छात्र उपस्थित थे, जिसको लेकर डीपीओ ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शिक्षकों को दोषी करार देते हुए सभी शिक्षकों का एक दिन का वेतन काट दिया गया।
भौतिक सत्यापन में 60 बच्चे मिले कम
धनकुटवा मध्य विद्यालय के निरीक्षण में बड़ी गड़बड़ी सामने आई। 884 नामांकित छात्रों में से 537 छात्रों की उपस्थिति बनी थी। जब डीपीओ ने भौतिक सत्यापन किया तो 474 छात्र ही वर्ग कक्ष में उपस्थित थे। वास्तविक छात्रों की उपस्थिति में 60 बच्चों का अंतर पाया गया। डीपीओ ने कहा कि यह वित्तीय अनियमितता दर्शाता है। वहां शिक्षकों में दायित्व के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं सरकारी राशि के दुरूपयोग को बढावा देने की बात कही गई। वर्ग कक्ष संचालन की व्यवस्था संतोषप्रद नहीं दिखी।

डीपीओ ने शिक्षकों से मांगा स्पष्टीकरण
हाई स्कूल गौचरी में रश्मि कुमारी व दीपेन्द्र कुमार और धनकुटवा में राहुल राज प्रतिनियुक्ति पर मिले। वहीं, पुष्पा कुमारी सहायक शिक्षक लंबी अवधि से विद्यालय में अनुपस्थित पाई गई। इसको लेकर प्रभारी बीईओ ने डीपीओ स्थापना से प्रतिनियुक्ति रद्द करने व लगातार अनुपस्थित पर कार्रवाई करने के लिए प्रतिवेदित भेजा है।वहीं, गौचरी के प्रधानाध्यापक, कमलेश राम, ऋषि कुमार पांडेय सहित रात्रि प्रहरी सौरभ कुमार समेत धनकुटवा के प्रधानाध्यापक को 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है।