मोतिहारी : देश की आजादी के बाद किसी सरकारी कार्यक्रम में बापू के चंपारण में आनेवालों की सूची में पहला नाम जुड़ा है देश की 15वीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का।दिलचस्प यह है कि देश की आजादी में अहम योगदान देनेवाले देश के पहले राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद ने कई दिन और कई रातें जिस माटी पर गुजारी, उसी माटी पर स्वतंत्र भारत के किसी राष्ट्रपति का पहला सरकारी दौरा होने जा रहा है।

राष्ट्रपति यहां सात साल पहले स्थापित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षा समारोह में शामिल होने 19 अक्टूबर को आ रही हैं। उनकी यह यात्रा चंपारण के इतिहास के लिए नए इतिहास का सृजन करने वाली है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन के स्तर पर सभी स्तरों पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए 22 अलग-अलग कमेटियों का गठन किया है। उनकी इस यात्रा के दौरान चंपारण की संस्कृति व संस्कार को बड़े बारीक तरीके से प्रस्तुत किया जाना है। इस दौरान उनके भोजन व जलपान में भी चंपारण की झलक दिखेगी।

इसके लिए संबंधित समितियों के स्तर पर तैयारी की जा रही है। वहीं जिला प्रशासन के स्तर प्रोटोकाल के अनुसार विभिन्न स्तरों पर तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम के दिन भारत-नेपाल सीमा से लेकर जिले की सभी सीमाओं पर कड़ी चौकसी होगी। वहीं कार्यक्रम स्थल राजा बाजार स्थित गांधी आडिटोरियम अति सुरक्षा घेरे में रहेगा।