वाजपेयी के निधन पर शोक: नीतीश-मोदी से तेजस्‍वी तक इन्‍होंने कही ये बात

 

पटना।पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार की शाम 5.05 बजे निधन हो गया। वे नई दिल्‍ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थन (एम्‍स) में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखे गए थे। तमाम कोशिश के बावजूद उन्‍हें बचाया नहीं जा सका। अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर बिहार में भी शोक की लहर है। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार व बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव सहित पक्ष-विपक्ष के तमाम नेताओं ने संवेदना व्‍यक्‍त की है।

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी का निधन दुःखद है। देश ने सबसे बड़े राजनीतिक शख्सियत, प्रखर वक्ता, लेखक, चिंतक, अभिभावक एवं करिश्माई व्यक्तित्व को खो दिया। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।

बिहार के उपमुख्‍यमंत्री व वरीय भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने अपनी श्रद्धांजलि संदेश में कहा कि आवाज़ का जादूगर हमेशा हमेशा के लिए सो गया। उन्‍होंने लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का निधन स्वाधीनता के बाद की भारती राजनीति के आकाश पर उदित सबसे चमकीले नक्षत्र का अवसान है। उनके लम्बे सार्वजनिक जीवन की शुचिता, अदभुत ओजस्विता से भरी भाषण शैली, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाली कूटनीति और 50 साल के संसदीय जीवन में गढ़े गए शिखर प्रतिमान ध्रुवतारे की तरह सदियों तक मार्गदर्शन करते रहेंगे। हम सबके प्रेरणा पुरुष अटल जी काल के कपाल पर अमर गीत लिख गए हैं। सुशील मोदी ने लिखा कि 20 साल पहले मई, 1998 में दूसरा सफल परमाणु परीक्षण कर शक्तिशाली भारत के उद्घोष से दुनिया को स्तब्ध करने वाले तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने स्वर्ण चतुर्भुज उच्चपथ योजना लागू कर ढांचागत विकास की गति तेज की थी। अकसर विनोदपूर्वक स्वयं को बिहारी कहने वाले अटल जी की सरकार में बिहार के मंत्रियों की संख्या सबसे ज्यादा थी। बिहार की जनता की ओर से लोकप्रिय नेता अटल बिहारी वाजपेयी को विनम्र श्रद्धांजलि।

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेजस्‍वी यादव ने अपने संदेश में लिखा है कि अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति का बड़ा चेहरा थे। उन्‍होंने जो जगह रिक्‍त की है, उसे आने वाली पीढि़यां सदियों तक नहीं भर सकेंगी। हम उनकी कमी महसूस करेंगे।

शत्रुघन सिन्‍हा बोले: मैं राजनीतिक व सामाजिक तौर पर अनाथ हो गया सिने अभिनेता व भाजपा सांसद शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने कहा कि राजनीतिक व सामाजिक तौर पर आज वे अनाथ हो गए हैं। अपना ‘गॉड फादर’ खो दिया हूं। उन्‍होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी युगपुरुष थे और उनके निधन के साथ ही भारतीय राजनीति के एक युग का भी अंत हो गया। उनका दृढ़निश्चयी स्वभाव, कवि हृदय व्यक्तित्व, गजब की हाजिरजवाबी, कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में भी व्यंग्य और कटाक्ष, जो गंभीर माहौल को भी हल्का कर दे, उनका राजनीतिक साहस और प्रशासनिक क्षमता भारत के इतिहास में युगों-युगों तक याद किए जाएंगे। शत्रुघ्‍न सिन्‍हा ने कहा कि वाजपेयी ने उन्हें भाजपा का स्टार प्रचारक बनाया। उसके बाद कश्मीर से कन्याकुमारी तक चुनाव प्रचार करने का मौका मिला। उस युगपुरुष और युग का अंत होते देखकर भारतीय राजनीति में एक ऐसी शून्यता दिखाई दे रही है जो आने वाले कई युगों तक कायम रहेगी।

बिहार सरकार में नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने कहा कि हमारे अभिभावक, महामानव, मृदुभाषी एवं विराट व्यक्तित्व के धनी अटल बिहारी वाजपेयी जी के निधन से संपूर्ण भारतवासियों सहित हम सभी बहुत आहत हैं। यह हमारे लिए अपूरणीय क्षति है। वाजपेयी जी हमारे दिलों में हमेशा वास करेंगे और उनकी बताई राह पर हम निरन्तर चलते रहेंगे। भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके चरणों को नमन करता हूं। अब उनकी यादें ही हमारी पूंजी है।

भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री राजेन्द्र सिंह ने कहा कि अटल जी के निधन से भारतीय राजनीति को अपूरणीय क्षति हुई है। भारतीय राजनीति में उनका योगदान अतुलनीय है। ऐसे बहुत कम राजनीतिज्ञ हुए है, जिनकी इज्‍जत समस्त विपक्षी दल भी करते हैं। अटल जी उनमे से एक थे।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के पांच साल के प्रधानमंत्री के कार्यकाल में हुए विकास कार्य हमेशा विभिन्न सरकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेंगे। यह अटल जी की ही देन है कि हमारा देश आज परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्रों में गिना जाता है। परमाणु परीक्षण के बाद देश पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद उनके कार्यकाल में देश का विकास के नए आयामों को छूना अटल जी की कुशल नीतियों और दक्ष आर्थिक प्रबंधन का सबूत है।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा कि कोई नही भूल सकता कि कैसे उनके कार्यकाल में भारत ने आइटी और टेलिकॉम के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की थी। प्रखर वक्ता और कवि हृदय वाले अटल जी देश के शौर्य और सम्मान की रक्षा के लिए किस तरह दृढप्रतिज्ञ थे, यह कारगिल युद्द के समय पूरे भारतवर्ष ने देखा था। यूएन में पहली बार हिंदी में दिया उनका भाषण कौन भूल सकता है?

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कुमार ने कहा कि यह अटल जी की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि भाजपा केवल दो सीटों से आगे बढ़कर आज इस मुकाम तक पंहुच सकी है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दीनदयाल उपाध्याय सरीखे नेताओं के साथ से जनसंघ के रूप में जो बीज बोया गया था, उसे अटल जी जैसे नेताओं की अथक मेहनत ने वटवृक्ष बनाया।

पूर्व मंत्री भीम सिंह तथा नीतीश मिश्र, भाजपा प्रदेश महामंत्री प्रमोद चन्द्रवंशी, भाजपा अतिपिछडा मोर्चा के अध्यक्ष जयनाथ चौहान, भाजपा महामंत्री शंभू शरण पटेल आदि ने भी अटल जी की प्रेरणा तथा मार्गदर्शन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश हित में अपना संपूर्ण जीवन व्यतीत करने वाले अटल जी के लिए यही हमारी सच्ची श्रद्धांजली होगी।

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