मुजफ्फरपुर : सोमवार को मालीघाट में सरला श्रीवास युवा मंडल द्वारा लोकभाषा ,संस्कृति एवं साहित्य के संवाहक भोजपुरी भाषा के विधापति ,संस्कृति के राजदूत लोकरत्न भिखारी ठाकुर की जयंती मनाई गई। यह कार्यक्रम सरला श्रीवास युवा मंडल की अध्यक्ष सुमन कुमारी के अध्यक्षता में मनाया गया। जहां “पुरखा पुरनिया संवाद सह सम्मान कार्यक्रम आयोजित हुआ। साथ ही अध्यक्षीय संबोधन में सुमन कुमारी ने बताया की नाटक के माध्यम से दलित उत्पीड़न, नारी उत्पीड़न ,सामाजिकता, पारिवारिक एकता, नशामुक्ति ,अध्यात्म, कविता भजन से लेकर बिहार के मुख्य नाट्यशैली “बिदेसिया” के प्रवर्तक अभिनेता,भोजपुरी साहित्य के गीतकार एवं गायक के रूप में भिखारी ठाकुर प्रसिद्ध हुए।

सरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्थान के संयोजक लोक कलाकार सुनील कुमार ने “ए ही माटी के भिखारी ठाकुर, लोक रत्न के मिलल सेहरा” गीत के माध्यम से लोक रत्न भिखारी ठाकुर के जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित की और बताया की भोजपुरी के महायोद्धा भोजपुरी भाषा और भिखारी ठाकुर एक दुसरे के पुरक हैं।
चंदनकुमार,रंगकर्मी सह प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय कायस्थ कल्याणकारी सभा बिहार ने बताया कि भिखारी ठाकुर में नारी जाति के दुःख दर्द के अनुभव करने का बहुत विशाल हृदय था। नाटककार,नर्तक व निर्माता-निर्देशक के भूमिका से भोजपुरी जगत के मशहूर महानायक लोक रत्न भिखारी ठाकुर के नाम से मुजफ्फरपुर में “कला महाविद्यालय” एवं आदमकद प्रतिमा स्थापित हो। इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक “हिंसा से आज़ादी “नाटक का मंचन अमन चिल्ड्रेन स्कूल के छात्राओं के द्वारा प्रस्तुत किया गया। धन्यवाद ज्ञापन सरला श्रीवास युवा मंडल के कोषाध्यक्ष आदित्य राज ठाकुर ने दिया।
साथ ही भोजपुरी के शेक्सपियर भिखारी ठाकुर जी के जयंती पर लोक रत्न भिखारी ठाकुर सम्मान से रंगकर्मी चंदन कुमार को भिखारी ठाकुर सम्मान “पुरखा-पुरनिया” के स्मृति चिन्ह , अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्य रूप से सरला श्रीवास सामाजिक सांस्कृतिक शोध संस्थान की संरक्षक कांता देवी, सरला श्रीवास युवा मंडल की सचिव अदिति ठाकुर, आदित्य राज ठाकुर,लोक कलाकार सुनील कुमार,अनिल कुमार ठाकुर,बबिता ठाकुर ,शिवम कुमार , राजू जी मौजूद रहें।