पटना: संसद से विपक्ष के सांसदों के निलंबन के विरोध में आज राजधानी पटना में महागठबंधन के घटक दल के कार्यकर्ता और नेता सड़क पर उतरकर प्रतिरोध मार्च निकाल रहे हैं. इस दौरान तमाम विपक्षी दलों के कार्यकर्ता आयकर गोलंबर से हिंदी भवन तक पैदल मार्च निकालकर विरोध जता रहे हैं. कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेताओं का बोरिंग रोड से रूट है, जहां से वे पैदल मार्च करते हुए हिंदी भवन पहुंचेंगे.
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पटना में प्रतिरोध मार्च
इस दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि सरकार ने जो किया है वह गलत है. मोदी सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है और यही कारण है कि सवाल पूछने पर सांसदों को निलंबित किया जा रहा है जो कि कहीं से भी उचित नहीं है.
इंडिया गठबंधन के सभी घटक दल शामिल
प्रतिरोध मार्च में शामिल भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल सिंह ने कहा कि मोदी सरकार जो कुछ कर रही है, पूरे देश की जनता देख रही है. सदन में सवाल का जवाब नहीं देती है. उल्टे विपक्ष के सांसदों का निलंबन किया जा रहा है, यह कहीं से भी उचित नहीं है.

निलंबित सांसदों का निलंबन वापस लेने की मांग
विपक्ष ने चेतानी भरे लहजे में आगे कहा कि संसद के अंदर विपक्षियों को लेकर जो सरकार रवैया अपना रही है, वह पूरी तरह से गलत है. उसके खिलाफ हम लोग सड़क पर उतरे हैं. आज पूरे बिहार में प्रतिरोध मार्च है.अगर सरकार निलंबन वापस नहीं लेती है तो निश्चित तौर पर हम लोग पूरे देश में आंदोलन करेंगे.
पटना की सड़कों पर महागठबंधन के नेता
आपको बता दें कि आज राजधानी पटना के सड़कों पर भाकपा माले, जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता और नेता सड़क पर उतरकर प्रतिरोध मार्च कर रहे हैं. सभी एक स्वर से मोदी सरकार के फैसले का विरोध करते नजर आ रहे हैं.
बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है. 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा चूक के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही आमने-सामने है. विपक्ष इस मामले पर पीएम मोदी के बयान की मांग पर अड़ा है. इसी दौरान हंगामा करने के आरोप में अबतक 141 विपक्षी सांसदों ( लोकसभा और राज्यसभा) को निलंबित किया जा चुका है. इससे नाराज विपक्ष देश भर में आज विरोध प्रदर्शन कर रहा है.