बिहार में केके पाठक का ऐसा खौ’फ: प्रधानाध्यापिका को स्कूल में ही गुजारनी पड़ी रात

बिहार के औरंगाबाद जिले की प्रधानाध्यापिका की चर्चा अब शुरू हो गयी है। दरअसल दाउदनगर के पटवाटोली राजकीय प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मीरा कुमारी को छुट्टी नहीं मिली तो उसने इसका विरोध करने का मन बना लिया। प्राचार्या अपने घर नहीं गई बल्कि स्कूल में ही रहकर रात गुजार दी। कपकपाती ठंड में एक शॉल के सहारे उन्होंने स्कूल में रात गुजारा। जबकि उनकी तबीयत भी ठीक नहीं थी।

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मिली जानकारी के अनुसार मीरा कुमारी ने विशेष अवकाश मांगा तो नहीं मिला जिससे वो काफी गुस्से में आ गयी। घर जाने के बजाय वो स्कूल में ही रहने का फैसला लिया। मीरा कुमारी ने इसका विरोध जताते हुए इतनी ठंड में स्कूल में ही रात गुजार दी। मीरा कुमारी का कहना है कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक का खौफ ऐसा हो गया है कि उनकी डर से कोई छुट्टी का आवेदन लेने तक की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। वह भी तब जब कोई शिक्षक विशेष अवकाश की मांग कर रहा होता है। हालांकि अपने इस विरोध को लेकर मीरा काफी डरी हुई है वो कहती है कि कही उनका यह विरोध प्रदर्शन उनकी नौकरी पर भारी ना पड़ जाए। अब यह डर मीरा को सताने लगी है।

मीरा का कहना था कि वो बीमार हैं उसे ठंड लग गया है इसके बावजूद उसे छुट्टी नहीं दी गयी। इसलिए मन चिड़चिड़ा गया और घर जाने के बजाय उसने स्कूल में ही रात गुजारे का मन बना लिया। ऐसा कर मीरा ने शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव व अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ विरोध जताया। मीरा ने बताया कि 22 दिसंबर को आकस्मिक अवकाश के लिए आवेदन दिया था जिसे स्वीकार नहीं किया गया। वह पूरे शिक्षक समाज की लड़ाई लड़ रही है। अब उसे यह डर सता रहा है कि इस विरोध की सजा कही नौकरी गंवाकर ना चुकानी पड़े।
वही बीइओ चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि स्कूल अवधि में छुट्टी का आवेदन नहीं देना है। इसलिए स्कूल अवधि के बाद बुलाया गया था। रात में प्राचार्या को स्कूल में रहने का कोई औचित्य नहीं था। प्राचार्या मीरा कुमारी के इस विरोध की चर्चा अब शिक्षकों के बीच होनी शुरू हो गयी है।

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