बिहार : पीएम मोदी के खिलाफ बने विपक्षी गठबंधन में आज आर या पार की बैठक

भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के खिलाफ बना विपक्षी दलों का गठबंधन I.N.D.I.A. किस राह पर है, यह शनिवार को पता चल सकता है। कुछ ही देर में सुबह साढ़े 11 बजे से इंडी एलायंस की ऑनलाइन बैठक शुरू हो रही है। बैठक ऑनलाइन होने के बावजूद इसमें तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तय गैरहाजिरी कई तरह के सवाल खड़े कर रही है। बैठक में आज आर या पार वाली बात हो सकती है, क्योंकि सीट शेयरिंग पर महासंग्राम छिड़ा है। विपक्षी एकता के सूत्रधार नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड को बिहार में पिछले लोकसभा चुनाव में जीती 16 सीटों के साथ गंवाई एक सीट मिलाकर कुल 17 सीटें चाहिए, जबकि बिहार में चल रहे महागठबंधन के सहयोगी दलों के साथ इंडी एलायंस के बाकी दल इसके लिए तैयार नहीं हैं। वाम दलों ने नीतीश से मुलाकात के बावजूद जदयू की इस मांग के खिलाफ बिगुल फूंक रखा है।

हमको कुछ नहीं बनना, हम सबको एकजुट करना चाहते हैं'', I.N.D.I.A गठबंधन का  संयोजक बनाए जाने खबरों पर बोले नीतीश - nitish kumar said on the news of  being made coordinator-mobile

चार बार आमने-सामने बैठे-उठे, आज क्या होगा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आह्वान पर 23 जून को पहली बार पटना में विपक्षी दलों की बैठक हुई। तभी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी ओर से एकमात्र मांग रखी थी कि जल्द से जल्द सीटों का बंटवारा हो जाए। इसके बाद 17-18 जुलाई को बेंगलुरु, 31 अगस्त-1 सितंबर को मुंबई में बैठक हुई। इसके बाद कांग्रेस ने पूरा ध्यान पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव पर दिया, जिसके कारण बैठक नहीं हुई।

चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस ही बैठक के लिए छटपटाई और अंतत: दिल्ली में एक बैठक हुई। इस बैठक में भी सीट शेयरिंग का मामला नहीं सुलझा। अब वर्चुअल बैठक हो रही है और असल मुद्दा सीट शेयरिंग का है। विपक्षी गठबंधन की नींव बिहार में पड़ी और सीट शेयरिंग का मुद्दा यहीं से फंस भी रहा। बिहार की 40 सीटों में से 17 पर जदयू का दावा है, कांग्रेस को 10-11 सीटें चाहिए। इसके अलावा वामपंथी दल भी पांच-छह सीटों से कम के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में राज्य विधानसभा की सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ऊहापोह में है।

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