जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने एक बार फिर से राजनीतिक पलटी मारी है. BJP की अगुआई वाले NDA गठबंधन के साथ विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने वाले नीतीश कुमार ने पाला बदलते हुए महागठबंधन से हाथ मिला लिया था. अब एक बार फिर से उन्होंने महागठबंधन का साथ छोड़कर NDA में शामिल हो गए हैं. इन सबके बीच कोई बात कॉमन रही तो वह यह कि हर बार नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. नीतीश के फिर से राजनीतिक पाला बदलने के बाद से बयानबाजी का दौर लगातार जारी है. कभी सीएम नीतीश का हमसाया कहे जाने वाले प्रशांत किशोर ने उनकी कटु आलोचना की है. आलोचना के साथ ही पीके के निक नेम से मशहूर प्रशांत किशोर ने एक बार फिर से उनको लेकर भविष्यवाणी की है. बता दें कि PK ने नीतीश के पाला बदलने से पहले ही इसका दावा कर दिया था.

नीतीश कुमार ने साल 2020 का विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन अगस्त 2022 में उन्होंने बीजेपी का साथ छोड़कर महागठबंधन का हिस्सा बन गए थे. अब एक बार फिर से उन्होंने महागठबंधन का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थामा है. उनके पूर्व सहयोगी प्रशांत किशोर ने उनपर तीखा तंज कसा है. प्रशांत किशोर ने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले नीतीश फिर से राजनीतिक पाला बदलेंगे. उनकी बात अब जाकर सच साबित हुई है. उन्होंने नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी टिप्पणी की है.
‘पलटूराम का सरदार’
प्रशांत किशोर ने नीतीश के ताजा कदम से आक्रोशित दिखे कि उन्होंने जेडीयू प्रमुख को ‘पलटूराम का सरदार तक कह दिया.’ हालांकि, उन्होंने बिहार के सभी नेताओं को ही पलटूराम कह डाला. बता दें कि प्रशांत किशोर एक वक्त नीतीश कुमार के काफी करीबी माने जाते थे. पीके को जेडीयू का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया गया था, लेकिन वह इस पद पर ज्यादा दिनों तक नहीं रह सके. उनको लेकर पार्टी के अंदर और बाहर विरोध के सुर उभरते रहे. बाद में पीके को अपना नया रास्ता तलाशना पड़ा.

PK की एक और भविष्यवाणी
चुनावी रणनीतिकार से राजनीतिक एक्टिविस्ट बने प्रशांत किशोर उर्फ PK ने एक बार फिर से नीतीश कुमार को लेकर भविष्यवाणी की है. उन्होंने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कुमार एनडीए का चेहरा नहीं रहेंगे. लोकसभा चुनाव के 6 महीने के अंदर बदलाव होगा. बता दें कि इस साल अप्रैल में लोकसभा चुनाव की शरुआत होने की संभावना है. अब यह भविष्य ही बताएगा कि नीतीश को लेकर प्रशांत किशोर की यह भविष्यवाणी कितनी सच साबित होती है.