अररिया : पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में लगातार हो रही बारिश से परमान नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण प्रखंड के अम्हारा पंचायत के वार्ड संख्या 13 में गोपालपुर मझुआ से अम्हारा हाट होकर जाने वाली ग्रामीण सड़क दो पाया की पुल पानी के दवाब में ध्वस्त हो गयी। घटना रविवार रात की है। इससे करीब 15 गांव के लोगों की आवाजाही बाधित हुई है। अब ग्रामीणों को दो किमी दूर फारबिसगंज-खबासपुर मुख्य मार्ग होकर आवाजाही करनी होगी। बताया गया कि 10-12 साल पूर्व 30-35 फीट लंबी इस पुल का निर्माण किया गया था, लेकिन गुणवत्ताविहीन काम होने के कारण वह पानी का दवाब नहीं झेल पायी। जानकारी मिलने के बाद मंगलवार को पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि पुल के टूटने व पानी की तेज घार में बहने से मझुआ का करीब 15 गांव का संर्पक कट गया है।

ग्रामीणों ने कहा जल्द हो पुल का निर्माण
पंचायत जनप्रतिनिधियों ने विभाग के आलाधिकारियों को पुल ध्वस्त होने की जानकारी देते हुए नये पुल निर्माण कराने की मांग करते हुए नारेबाजी भी की। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों पूर्व बने इस पुल का कभी मेंटेनेंस नहीं किया गया जिसके कारण यह धाराशाही हो गयी। घटिया निर्माण होने के कारण पानी का दवाब सहन नहीं कर पायी। मझुआ पंचायत के पैक्स अध्यक्ष सह राजद के जिला महासचिव मनोज विश्वास, पूर्व सरपंच बैजनाथ पासवान, अम्हारा के पैक्स अध्यक्ष मनोज मंडल आदि ने कहा कि करीब सवा करोड़ की लागत से बना पुल का निर्माण काफी घटिया किस्म से किया गया। दो पाया वाली इस ग्रामीण पुल की लंबाई लगभग 30-35 फीट थी।

पुल पुराना था, पैदल चलना भी था वर्जित
वहीं ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रवीण कुमार ने ‘हिन्दुस्तान’ को बताया कि पुल काफी पुराना था। क्षतिग्रस्त स्थल पर विभाग के द्वारा पुल क्षतिग्रस्त है, वाहन व पैदल चलना वर्जित है का सूचना पट्ट भी लगाया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग का हेड क्वार्टर पटना को इस पुल का चेक लिस्ट भेजा गया है। तीन माह पूर्व एवं 13 जुलाई को भी चेक लिस्ट भेजा जा चुका है। विभाग से आदेश मिलते ही उक्त स्थान पर नया व मजबूत पुल बनाया जायेगा।

बीती 12 जून से गिरे 14 पुलों की जानकारी इस प्रकार है। 18 जून को अररिया में, 22 जून को सिवान में, 23 जून को मोतिहारी में, 27 जून को किशनगंज में, 28 जून को मधुबनी में और 30 जून को किशनगंज में पुल गिरे थे। इसके बाद 3 जुलाई को महाराजगंज में तीन पुल गिरे और 2 पुल सारण में गिरे थे। इसके बाद 4, 7 और 10 जुलाई को क्रमशः सारण, मोतिहारी और सहरसा में गिरे थे।



