बिहार में बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा, भूख से बेहाल लोगों ने ट्रेन रोकी

नेपाल में हुई भारी बारिश के कारण बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। कोसी बराज से 1968 के बाद पहली दफे रविवार की सुबह 6.61,295 क्यूसेक पानी रिलीज किया गया है। वहीं कोसी बराज के साथ बागमती भी उफान पर है। फिलहाल कोसी बराज का पानी पहले से कम हुई है। लेकिन बिहार के करीब 20 जिले और लगभग आधी आबादी बाढ़ की चपेट में है।

बिहार सरकार की और से बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। प्रशासन की ओर से राहत बचाव कार्य भी जारी है। लेकिन कई जगहों पर बाढ़ पीड़ित प्रशासन के काम से संतुष्ठ नहीं हैं और सरकार का विरोध कर रहे हैं। कई जिलों से बाढ़ पीड़ितों के उग्र होने की भी खबर सामने आ रही है। ऐसा ही एक मामला सुपौल से सामने आया है। जहां बाढ़ पीड़ितों ने ट्रेन को रोक दिया है। बताया जा रहा है कि बाढ़ पीड़ित रेलवे लाइन पर उतर कर ट्रेन का परिचालन बाधित कर दिया।

मिली  जानकारी अनुसार बाढ़ पीड़ितों ने सहरसा-लहेरियासराय रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन करीब डेढ़ घंटे तक बाधित रहा। बताया जा रहा है कि बाढ़ पीड़ितों ने सहरसा से फारबिसगंज जा रही डेमू ट्रेन-05516 को रोक दिया। जिससे ट्रेन का परिचालन बाधित हो गया। बाढ़ पीड़ितों ने सुपौल जिले के थरबिटिया-सरायगढ़ के बीच ट्रेन को रोक है।

वहीं बाढ़ पीड़ितों के प्रदर्शन के कारण लहेरियासराय से सहरसा आ रही डेमू ट्रेन को भी झंझारपुर की ओर ही रोक दिया गया। वहीं इसकी जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों की टीम मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझा कर ट्रैक से हटा दिया। जानकारी अनुसार सुपौल जिले के बाढ़ पीड़ित प्रशासन पर सरकारी मदद नहीं मिलने का आरोप लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सुबह करीब साढ़े सात बजे ही ट्रेन को रोक दिया था। जिसके बाद प्रशासन ने समझा बुझा कर 9 बजे ट्रैक खाली करवाया है।

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