दरभंगा: दरभंगा एम्स निर्माण स्थल को लेकर स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच शुरुआती दौर से ही चर्चा चल रही थी. चूंकि दरभंगा एम्स स्थल को बोलचाल की भाषा में हर जगह पर अधिकारियों के द्वारा शोभन में एम्स निर्माण की बात कही जा रही थी, जिससे नाराज स्थानीय ग्रामीणों ने दरभंगा एम्स निर्माण स्थल पर एक बोर्ड लगा दिया है. इसपर “पांचोभ मौजे बलिया” लिखा हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बलिया मौजे पांचोभ पंचायत में पड़ता है और यहां से शोभन की दूरी लगभग चार से पांच किलोमीटर है.

जमीन हमारी गई, नाम शोभन का
लोगों का कहना है कि हमारी जमीन एम्स में गई है और नाम शोभन का हो रहा है. हमारे गांव के नाम से एम्स की चर्चा होनी चाहिए, जिसको लेकर ग्रामीणों ने बोर्ड एम्स निर्माण स्थल पर लगाया है. इसके साथ ही एक और ताजा अपडेट दरभंगा एम्स निर्माण को लेकर आ रही है, जिसमें केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा एम्स निर्माण को लेकर आईआईटी दिल्ली का ढांचा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

दरभंगा एम्स निर्माण स्थल पर ग्रामीणों ने क्यों लगा दिया यह बोर्ड
बताते चलें कि अब दरभंगा एम्स निर्माण के बाद बिहार में दो-दो एम्स हो जाएंगे. यह दो एम्स वाला राज्य बन जाएगा. यहां 187.31 एकड़ जमीन एम्स निर्माण को लेकर अधिग्रहण किया गया है. इसी महीने अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा इस दरभंगा एम्स का शिलान्यास किया जाना है, ऐसा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने पहले ही संकेत दे दिया है.

इसको लेकर आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों को स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा एम्स का डिजाइन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. दरभंगा एम्स निर्माण के बाद ना सिर्फ बिहार, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल के लोगों को भी काफी फायदा पहुंचेगा.

इस प्रकार दरभंगा में बने एयरपोर्ट उत्तर बिहार के साथ-साथ नेपाल के लोगों को भी मिल रही है. उसी प्रकार से दरभंगा एम्स की सौगात उन तमाम लोगों के लिए लाभकारी होगा.

