पटना. बिहार के प्रशासनिक गलियारे से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है. सुपरकॉप आईपीएस शिवदीप लांडे का इस्तीफा मंजूर हो गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आईजी शिवदीप लांडे का इस्तीफा मंजूर कर लिया है. राष्ट्रपति भवन ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है.

बिहार कैडर के आईपीएस शिवदीप लांडे ने पद से इस्तीफा देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट भी लिखी थी. इस्तीफा देने से 2 हफ्ते पहले ही उन्हें तिरहुत रेंज से हटाकर पूर्णिया आईजी बनाया गया था. आईजी बनाए जाने के 2 हफ्ते बाद ही उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था.

उन्होंने फेसबुक पर अपनी पोस्ट में लिखा था, ‘मेरे प्रिय बिहार, पिछले 18 साल तक सरकारी पद पर सेवाएं देने के बाद मैंने आज इस पद से इस्तीफा दे दिया है. अगर मुझसे बतौर सरकारी सेवक कोई त्रुटि हुई हो तो मैं उसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं. मैं बिहार में ही रहूंगा. आगे भी बिहार मेरी कर्मभूमि रहेगी. जय हिन्द.’

दुपट्टा ओढ़कर घूसखोर पुलिकर्मी को पकड़ा था लांडे ने
आईपीएस शिवदीप लांडे ने दुपट्टा ओढ़कर घूसखोर पुलिकर्मी को पकड़ा था. बात जनवरी 2015 की है. शिवदीप उस समय पटना में तैनात थे. उन्हें डाक बंगला चौराहे पर इंस्पेक्टर सर्वचंद के घूस मांगने की जानकारी मिली. शिवदीप लांडे ने फिल्मी अंदाज में दुपट्टा ओढ़कर इंस्पेक्टर को रंगे हाथ पकड़ा था. दरअसल, यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सर्वचंद पर पटना के दो व्यापारी भाइयों से एक पुराने केस को रफा-दफा करने के लिए घूस मांग रहे थे. दोनों भाइयों ने तत्कालीन एसपी शिवदीप लांडे से शिकायत की. तब लांडे भेष बदलकर सिर पर दुपट्टा लपेटकर डाक बंगला चौराहे पर पहुंचे. जैसे ही सर्वचंद वहां घूस का पैसा लेने के लिए पहुंचे, शिवदीप ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.

मुंगेर के नक्सल प्रभावित जमालपुर में हुई थी पहली पोस्टिंग
2006 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी रहे शिवदीप लांडे मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं. वह पटना, अररिया, पूर्णिया और मुंगेर जिलों में बतौर एसपी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. शिवदीप की शादी ममता शिवतारे से फरवरी 2014 में हुई थी. शिवदीप के ससुर विजय शिवतारे महाराष्ट्र के शिंदे गुट के नेता हैं. शिवदीप लांडे की बिहार में पहली पोस्टिंग मुंगेर के नक्सल प्रभावित जमालपुर में हुई थी.
