खान ब्रदर्स के लोजपा में शामिल होते ही एनडीए में मचा घमासान, चिराग पासवान के फैसले पर जमकर बरसे भाजपा के पूर्व सांसद

हत्या, अपहरण सहित कई गंभीर आपराधिक आरोपों में घिरे और फिलहाल जमानत पर चल रहे सीवान के ‘कुख्यात’ खान ब्रदर्स के लोजपा (रामविलास) में शामिल होते ही एनडीए में घमासान मच गया है. चिराग पासवान के इस फैसले के खिलाफ भाजपा के ही पूर्व सांसद ने कड़ी आपत्ति जताई है. अयूब खान (बड़ा भाई) और रईस खान (छोटा भाई) ने एक दिन पहले ही चिराग की पार्टी का हाथ थामा था.

अब इसे लेकर पूर्व सांसद और सिवान बीजेपी के वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश यादव ने आपत्ति जताई है. उन्होंने खान ब्रदर्स जैसे लोगों को राजनीतिक दलों द्वारा अपनी पार्टियों को स्थान देने को राजनीति के अपराधीकरण को बढ़ावा देने वाला बताया है. खान ब्रदर्स के लोजपा में आने पर उन्होंने चिराग पासवान के फैसले पर हैरानी जताते हुए इसे अफसोसजनक करार दिया है.

रईस खान  लड़ सकते हैं विधानसभा सीट से चुनाव

आरजेडी के पूर्व सांसद और बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के परिवार से दुश्मनी रखने वाले सीवान के खान ब्रदर्स  चिराग पासवान के साथ जुड़े हैं. खान ब्रदर्स ने लोजपा (आर) का दामन थाम लिया है. बुधवार को सीवान के हुसैनगंज के सहूली में एक मिलन समारोह का आयोजन किया गया. खान ब्रदर्स अपनी बाहुबल के लिए भी कुख्यात हैं. चर्चा है कि रईस खान सीवान के रघुनाथपुर या दरौंदा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.

खान ब्रदर्स और शहाबुद्दीन परिवार की दुश्मनी

खान ब्रदर्स की शहाबुद्दीन परिवार से पुरानी दुश्मनी रही है. यह दुश्मनी 2005 में शुरू हुई थी जब खान ब्रदर्स के पिता कमरूल हक खान का अपहरण किया गया था, जिसका आरोप शहाबुद्दीन पर लगा था. इसके बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता गया. हाल ही में, रईस खान पर AK-47 से हमले का आरोप भी लगाया गया था, जिसमें उन्होंने  मरहूम शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को आरोपी ठहराया था.

चिराग को खान ब्रदर्स से बड़ा भरोसा

चिराग पासवान ने कहा कि ‘रईस खान के पार्टी में शामिल होने से संगठन को मजबूती मिलेगी और आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए को भी लाभ होगा. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों के सहयोग से लोजपा (आर) चुनाव में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगी.

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