गया. प्राइवेट कॉलेजों की मान्यता रद्द किए जाने के विरोध में सोमवार को विभिन्न छात्र संगठनों ने मगध प्रमंडल बंद का आह्वान किया। इस दौरान गया कॉलेज-सिकरिया मोड़ रोड को छात्रों ने जाम कर दिया। छात्र नेता सड़क पर लेट गए और रोड पर टायर जलाकर वीसी के फैसले का विरोध किया।
ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन और जन अधिकार पार्टी समेत कई जनवादी छात्र संगठन इसमें शामिल थे। छात्र नेताओं ने गया कॉलेज, एएम कॉलेज और एमयू में विरोध प्रदर्शन किया। विवि और एमयू में सोमवार को पीजी सेकंड सेमेस्टर की परीक्षा थी। बंद के चलते परीक्षार्थियों को परेशानी हुई। बाद में जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष भवानी सिंह ने छात्र नेताओं को समझा-बुझाकर परीक्षार्थियों को कैंपस में जाने दिया। अंजय कुमार, प्रेमदीप बंद का नेतृत्व कर रहे थे।
विवि प्रशासन की ओर से कहा गया है परीक्षा व विश्वविद्यालय के कार्यों को बाधित करना और बंद का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है। तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। बताया गया कि विवि द्वारा प्राइवेट कॉलेजों को संबंद्धन देने के लिए विवि अधिनियम की धारा 21(2)(डी) में व्यवस्था दी गई है। इसके अंतर्गत सीनेट द्वारा संबंद्धन की अनुशंसा सरकार को भेजी जाती है।
राज्य सरकार से स्वीकृति मिलने पर ही संबद्धन प्रदान किए जाने का प्रावधान है। बिना संबंद्धन के किसी भी कॉलेज को छात्रों को प्रवेश नहीं देना है। कुछ कॉलेजों ने बिना संबंद्धन के ही छात्रों को भ्रम में रखकर एडमिशन ले रखा है और विवि पर परीक्षा लेने का प्रेशर दिया जा रहा है। 28 ऐसे प्राइवेट कॉलेज की संबद्धता सरकार ने रद्द कर दी है।
छात्र नेताओं ने कहा कुलपति के इस निर्णय से 86 हजार छात्र-छात्राएं थर्ड ईयर 2018 की परीक्षा से वंचित हो जाएंगे। जबकि ये लोग फर्स्ट व सेकंड ईयर की परीक्षा में शामिल हो चुके हैं। छात्र नेताओं ने कहा जब गलती महाविद्यालयों की है तो इसका सजा छात्रों को क्यों मिल रही है। कहा थर्ड ईयर के छात्रों का परीक्षा दूसरे कॉलेजों से टैग करके लिया जाए। कुमार जितेंद्र के नेतृत्व में एआईएसएफ कार्यकर्ताओं ने बंद कराया। ओम यादव और धर्मेंद्र कुमार ने इस बाबत परीक्षा नियंत्रक को ज्ञापन भी सौंपा है।