एडीजी सीआईडी पारस नाथ मुंगेर पहुंचे जहां उन्होंने डीआईजी कार्यालय के सभागार में डीआईजी , एसपी , एसडीपीओ , इंस्पेक्टर सहित जिले के सभी थानों के थानाध्यक्षों के साथ बैठक कर लंबित अपराध और कांडों की समीक्षा की और लंबित कान्डो के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया।

वहीं नए कानून के तहत थानों में फिजिकल के बदले डिजिटल का अधिक से अधिक प्रयोग करने पर बल दिया।

एडीजी ने कहा कि सरकार द्वारा सभी थानों में मोबाइल लैपटॉप की खरीद के लिए 192 करोड आवंटित किया गया है। सभी थानों को पूर्णतः डिजिटलाइजेशन करने के लिए 5 साल की समय सीमा निर्धारित की गई है।

उनका प्रयास है कि निर्धारित समय सीमा से पहले सभी थाना पूरी तरह डिजिटलाइजेशन हो जाए। इससे जहां गवाह अपने बयान से मुकर नहीं पाएंगे वहीं पुलिस पदाधिकारी भी अपराधी घटना में दर्ज साक्ष्य में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं कर पाएंगे।

उन्होंने कहा कि नए कानून में डिजिटल साक्ष्य को प्रमाणित करने के लिए अलग से गवाह जरूरी नहीं है समीक्षा बैठक के बाद एडीजी ने एसपी को सभी थानों में एक घंटा का कंप्यूटर ट्रेनिंग पुलिस कर्मियों के लिए प्रतिदिन चलने का निर्देश दिया ताकि सभी थाना के पुलिस पदाधिकारी को डिजिटाइजेशन में किसी तरह की परेशानी नहीं हो।

