पाकिस्तानी युवती खादिजा नूर, जो ढाई साल पहले अपने प्रेमी से मिलने के लिए नेपाल के रास्ते भारत आई थी। उसे अब जमानत मिल गई है। अगस्त 2022 में सीतामढ़ी जिले के इंडो-नेपाल बॉर्डर पर उसे पकड़ा गया था। तब से वह जेल में थी, लेकिन अब उसे पटना हाईकोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है।

प्रेमी और उसके भाई ने दिया जमानत
खादिजा नूर को 18 अक्टूबर 2022 को जमानत मिल गई थी, लेकिन कागजी प्रक्रियाओं और जमानतदार की समस्या के कारण उसे इतने दिनों तक जेल में रहना पड़ा। हाल ही में उसके प्रेमी सैयद हैदर और उसके भाई ने जमानतदार बनकर उसे जेल से बाहर निकलवाया। अब नूर अपने प्रेमी हैदर के साथ भारत में ही रह सकेगी, लेकिन सैयद हैदर का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है।

कैसे हुई थी गिरफ्तारी?
खादिजा नूर का प्रेमी सैयद हैदर हैदराबाद का रहने वाला है। दोनों के बीच सोशल मीडिया के जरिए संपर्क हुआ था और वहीं से दोनों में प्रेम हो गया। नूर करीब ढाई साल पहले अगस्त 2022 में नेपाल के रास्ते भारत आई थी।

सीतामढ़ी जिले के भिट्ठा मोड़ बॉर्डर पर पहुंचते ही उसे एसएसबी ने पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। उस समय नूर का प्रेमी हैदर भी बॉर्डर पर मौजूद था। उसे भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था, लेकिन कुछ दिनों बाद सीतामढ़ी सिविल कोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी।

प्रेमी की कोशिशें रंग लाईं
हैदर ने जेल से बाहर आने के बाद अपनी प्रेमिका की जमानत कराने के लिए कड़ी मेहनत की, जो अब जाकर सफल हुई है। पटना हाईकोर्ट से खादिजा नूर को जमानत मिलने के बाद अब वह अपने प्रेमी हैदर के साथ भारत में ही रह सकेगी। हालांकि, कोर्ट ने उसे हर महीने थाने और कोर्ट में हाजिरी लगाने का आदेश दिया है।

क्या है कोर्ट का आदेश?
हाईकोर्ट ने नूर को जमानत देने के साथ कुछ शर्तें भी लगाई हैं। नूर को हर महीने कोर्ट और थाने में हाजिरी देनी होगी। हालांकि, इस फैसले के बाद हैदर और नूर ने राहत की सांस ली है और वे अब एक साथ रहने के लिए स्वतंत्र हैं।
