लंगट सिंह कॉलेज में जल्द ही एक ग्रीन ऑडिट किया जाएगा। इससे संबंधित कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय ने कहा कि इसका उद्देश्य परिसर में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देना है।

ग्रीन ऑडिट का उद्देश्य कॉलेज परिसर में ऊर्जा, पानी और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में पर्यावरण के अनुकूल कॉलेज द्वारा किए जा रहे प्रयासों का आकलन करना, कॉलेज के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए सुझाव देना, छात्रों और कर्मचारियों के बीच पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देना, और कॉलेज को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करना है।

ग्रीन ऑडिट में कॉलेज के विभिन्न विभागों के शिक्षक और छात्र, पर्यावरण विशेषज्ञ, और स्थानीय गैर-सरकारी संगठन शामिल होंगे। प्राचार्य प्रो. ओम प्रकाश राय ने कहा कि कॉलेज प्रशासन पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और इस ग्रीन ऑडिट के माध्यम से, कॉलेज एक हरित और स्वच्छ परिसर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाएगा।

कॉलेज परिसर की जैव विविधता का मैपिंग और संरक्षण करने का प्रयास किया जा रहा है और कॉलेज में वन विभाग, बिहार सरकार के सहयोग से वृक्षा रोपण का कार्य भी समय समय पर किया गया है। ग्रीन ऑडिट में कॉलेज के विभिन्न विभागों के शिक्षक और छात्र, पर्यावरण विशेषज्ञ, और स्थानीय गैर-सरकारी संगठन शामिल होंगे।

कॉलेज का हरा-भरा परिसर और विशाल मैदान शहर के मध्य में सुबह की सैर और व्यायाम करने वाले हजारों लोगों के लिए एक अनूठा संसाधन है। कॉलेज प्रशासन इसे एक हरित और स्वच्छ परिसर के रूप में बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। प्राचार्य ने कहा कि कॉलेज प्रशासन ने परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए कई पहल की हैं, जिसमें नियमित सफाई अभियान और अपशिष्ट प्रबंधन शामिल हैं। प्राचार्य ने यह भी जानकारी दी कि आईसीआईसीआई बैंक के सहयोग से कॉलेज के मुख्य द्वार से सटे पूर्वी भाग में जापान के मियावाकी तकनीक पर आधारित 10,000 पौधे लगाकर एक ऑक्सीजन बैंक तैयार किया जा रहा है, जिसका कार्य प्रगति पर है।

मौके पर आईक्यूएसी समन्वयक प्रो एसआर चतुर्वेदी, प्रो सुनील मिश्रा, प्रो संजीव मिश्रा, प्रो विजय कुमार, प्रो ओपी रमण, डॉ अर्धेंदु, डॉ शशिकांत पाण्डेय, डॉ एसएन अब्बास, डॉ नवीन कुमार, रोहन कुमार, राहुल कुमार, इस्तेखार आलम सहित अन्य मौजूद रहे।
