भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहा तनाव अब युद्ध जैसे हालात में तब्दील हो गया है। पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने 3 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिससे दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस बीच, अमेरिका और अन्य वैश्विक शक्तियों की मध्यस्थता से 10 मई को एक युद्धविराम की घोषणा की गई, लेकिन उसका उल्लंघन होते देर नहीं लगी। आइए जानें इस गंभीर घटनाक्रम की पूरी विस्तृत रिपोर्ट:

1. आतंकी हमले की चिंगारी
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भीषण आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 भारतीय पर्यटक मारे गए और दर्जनों घायल हुए। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक धड़े ने ली। भारत ने इस हमले को सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद करार दिया।
2. भारत का जवाब – ‘ऑपरेशन सिंदूर’
3 मई को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के भीतर नौ ठिकानों पर एक साथ हवाई हमले किए। इनमें बालाकोट, बहावलपुर और पंजाब प्रांत के कुछ आतंकी ट्रेनिंग सेंटर शामिल थे। खुफिया सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद के कई कमांडर मारे गए, जिनमें मसूद अजहर के भतीजे और दामाद का नाम भी सामने आया है।

3. पाकिस्तान की प्रतिक्रिया – ‘ऑपरेशन बुनयान-उल-मरसोस’
पाकिस्तान ने भारत की कार्रवाई के जवाब में 6 मई को ‘ऑपरेशन बुनयान-उल-मरसोस’ शुरू किया। इसके तहत भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई। जम्मू, पठानकोट और श्रीनगर में ड्रोन व मिसाइल हमलों की कोशिशें की गईं, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया।
4. सीज़फायर की कोशिश और उसका टूटना
10 मई को अमेरिका, सऊदी अरब और चीन की पहल पर भारत और पाकिस्तान ने युद्धविराम की घोषणा की। हालांकि, इसी दिन देर रात को जम्मू-कश्मीर के राजौरी और पुंछ जिलों में भारी गोलाबारी हुई। भारतीय सेना ने आरोप लगाया कि यह पाकिस्तान की ओर से किया गया सीज़फायर उल्लंघन है।

5. भारत की नई नीति: “आतंक का जवाब युद्ध से”
भारत सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार के सीमा पार आतंकी हमले को ‘युद्ध की कार्रवाई’ माना जाएगा और उसका जवाब सैन्य तरीके से दिया जाएगा। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) ने कहा कि “अब कूटनीतिक बयानबाज़ी नहीं, निर्णायक कार्रवाई होगी।”
6. वैश्विक प्रतिक्रियाएं और कूटनीतिक दबाव
अमेरिका: दोनों देशों से संयम बरतने और वार्ता का रास्ता अपनाने की अपील की। चीन: पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा के समर्थन की घोषणा की। G7: युद्धविराम को स्थायी बनाने और तत्काल उच्चस्तरीय वार्ता शुरू करने की सलाह दी।

7. सीमावर्ती क्षेत्रों में अलर्ट और जनता में डर
भारत के पंजाब, राजस्थान, गुजरात और जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में हाई अलर्ट जारी है। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और सेना की तैनाती बढ़ा दी गई है।
8. राजनीतिक हलचल और विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्ष ने सरकार से पारदर्शिता की मांग करते हुए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। कांग्रेस नेता ने कहा कि देश एकजुट है, लेकिन सरकार को जनता को भरोसे में लेना चाहिए।

भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर पहुंच चुका है। हवाई हमलों, जवाबी कार्रवाई, और युद्धविराम के उल्लंघन ने हालात को और गंभीर बना दिया है। दोनों देशों के पास अब दो ही रास्ते हैं – या तो संयम और बातचीत, या फिर एक पूर्ण युद्ध, जिसका असर सिर्फ दक्षिण एशिया पर नहीं बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ेगा।




