दीपक कुमार | मुजफ्फरपुर । मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी थाना क्षेत्र में दरिंदगी का शिकार हुई 9 वर्षीय दलित बच्ची की मौत के बाद पूरे जिले में आक्रोश का माहौल है। बच्ची के साथ बलात्कार की वारदात के बाद इलाज में लापरवाही और पटना के पीएमसीएच में समय पर बेड न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रविवार को पीड़ित परिवार से मिलने मुजफ्फरपुर पहुंचे।

तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवार से मिलकर उनका दुःख साझा किया और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने परिवार को पार्टी की ओर से आर्थिक सहायता राशि भी दी।
पीड़ित परिजनों ने बताया कि बच्ची को मुजफ्फरपुर से पीएमसीएच रेफर किया गया था, जहां उसकी स्थिति ठीक हो रही थी। लेकिन राजधानी पटना स्थित 5000 करोड़ की लागत से बन रहे एशिया के सबसे बड़े अस्पताल में समय पर बेड नहीं मिल सका। अस्पताल प्रशासन ने गंभीर हालत में बच्ची को अलग-अलग वार्ड में भटकाया।
परिजनों के मुताबिक, बच्ची एंबुलेंस में तड़पती रही और ऑक्सीजन खत्म होने लगी। जब परिजनों ने अस्पताल कर्मियों से मदद मांगी, तो उन्होंने 2500 रुपये की मांग कर दी। काफी हंगामे के बाद बच्ची को भर्ती किया गया। मगर देर से इलाज शुरू हुआ और अंततः बच्ची की मौत हो गई।

तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है, प्रतिदिन पीएमसीएच में मरीजों के साथ इस तरह की घटनाएँ होती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि DK Tax गैंग ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मिलीभगत से एक रिटायर्ड मेडिकल सुपरिटेंडेंट को अवधि विस्तार देकर पीएमसीएच की व्यवस्था को चौपट कर दिया है।
साथ ही स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे पर भी हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य विभाग को भ्रष्टाचार की आग में झोंक दिया है।

इस घटना के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और कुढ़नी थानेदार समेत कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।
पीड़ित परिवार अभी भी न्याय की गुहार लगा रहा है और इस शर्मनाक घटना से जिलेभर में आक्रोश का माहौल है।
