दीपक कुमार | मुजफ्फरपुर । बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी में 9 वर्षीय दलित बच्ची से दरिंदगी और उसकी हत्या के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना को लेकर सियासी हलचल भी तेज हो गई है। इसी कड़ी में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा गुरुवार को कुढ़नी पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढाढ़स बंधाया।

डिप्टी सीएम ने कहा कि इस जघन्य वारदात के दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार स्पीडी ट्रायल के जरिए जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाएगी। उन्होंने कहा कि मासूम बच्ची के साथ हुई इस दरिंदगी ने इंसानियत को शर्मसार किया है और सरकार पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
बता दें कि बीते दिनों कुढ़नी थाना क्षेत्र में 9 साल की दलित बच्ची के साथ बलात्कार के बाद आरोपी ने उसकी गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर दिया था। हालत बिगड़ने पर बच्ची को पहले मुजफ्फरपुर अस्पताल और फिर पटना के पीएमसीएच रेफर किया गया। जहां बेड न मिलने और इलाज में देरी के चलते 1 जून को बच्ची की मौत हो गई। इस मामले को लेकर नीतीश सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है।

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के साथ मुजफ्फरपुर के डीएम प्रणव कुमार और एसएसपी राकेश कुमार भी मौके पर मौजूद रहे। डिप्टी सीएम ने घटना की जानकारी लेने के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जवाब-तलबी की।
कुढ़नी से निकलने के बाद डिप्टी सीएम तुर्की में हाल ही में घटी एक अन्य बलात्कार घटना के पीड़ित परिवार से भी मिलने पहुंचे। उन्होंने वहां भी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

इसके बाद विजय सिन्हा ने मुजफ्फरपुर सर्किट हाउस में जिले के वरीय अधिकारियों के साथ आपात समीक्षा बैठक की। बैठक में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति, महिला और बाल सुरक्षा को लेकर विशेष समीक्षा की गई। डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार अपराध के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। दोषियों को सख्त सजा दिलाने और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता मुहैया कराने का आदेश दिया गया।

घटना के बाद पुलिस-प्रशासन में हलचल
घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही कुढ़नी थाना प्रभारी समेत कई पुलिसकर्मियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।
इस दिल दहला देने वाली घटना को लेकर पूरे जिले में आक्रोश है। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने बच्ची को श्रद्धांजलि देते हुए दोषियों को फांसी देने की मांग की है।


