मुज़फ़्फ़रपुर, नयाटोला।चित्रांश खेल एवं सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में थ्योसोफिकल लॉज, नयाटोला के सभागार में एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें मुज़फ़्फ़रपुर के बहुचर्चित खेलप्रेमी, जिला फुटबॉल संघ के उपाध्यक्ष, जिला बॉल बैडमिंटन संघ के उपाध्यक्ष तथा मुज़फ्फ़रपुर स्पोर्टिंग क्लब के सचिव स्वर्गीय चंद्रशेखर कुमार (चंदू जी) को गहरी श्रद्धांजलि दी गई। उनके असामयिक निधन को जिले के खेल जगत की एक अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

सभा की अध्यक्षता मंच की अध्यक्ष डॉ. पल्लवी सिन्हा ने की। सभा में बड़ी संख्या में समाजसेवी, खेल प्रेमी, पत्रकार, खिलाड़ी एवं उनके सहयोगी उपस्थित हुए। सभी ने स्व. चंद्रशेखर कुमार के अनुकरणीय जीवन, उनके खेलों के प्रति जुनून और युवाओं को आगे बढ़ाने के प्रयासों को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा में उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों में संजय केजरीवाल, संजय कुमार सिन्हा, डॉ. हिमांशु कुमार, शैलेन्द्र कुमार, राजीव कुमार सिन्हा, उभय रंजन, के. के. सिन्हा, पंकज कुमार, प्रमोद कुमार, प्रकाश सिन्हा, अजय कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार, मुकेश सोना, मनोज कुमार, अजीत गौर, चंदेश्वर प्रसाद, अमरेंद्र कुमार, मनीष रंजन, सुधांशु कुमार, रविंद्र कुमार, धीरज कुमार, अखिलेश मनी, राकेश कुमार सिन्हा और संजय कुमार सिन्हा शामिल थे।

महत्वपूर्ण निर्णय: अखिल भारतीय फुटबॉल प्रतियोगिता का ऐलान
श्रद्धांजलि सभा के दौरान एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया — स्वर्गीय चंद्रशेखर कुमार की स्मृति में एक अखिल भारतीय फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। यह प्रतियोगिता उनके खेलों के प्रति समर्पण, अनुशासन और समाज में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के उनके जीवन दृष्टिकोण को अमर बनाने की दिशा में एक पहल है।

‘स्व. चंद्रशेखर कुमार स्मृति खेल पुरस्कार’ की स्थापना
‘युगसृजन’ के अध्यक्ष संजय केजरीवाल और खेल निदेशक राजीव कुमार सिन्हा ने घोषणा की कि प्रत्येक वर्ष खेल दिवस के अवसर पर जिले के उत्कृष्ट फुटबॉल खिलाड़ियों को स्व. चंद्रशेखर कुमार स्मृति खेल पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार उनकी स्मृति को जीवंत रखने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मंच देने का कार्य करेगा।

इस घोषणा को जिले में खेल गतिविधियों को पुनर्जीवित करने और युवाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है। चंदू जी का जीवन जहां खेलों को समर्पित था, वहीं उनका स्वभाव, सहयोग की भावना और खिलाड़ियों के बीच सहज अपनापन उन्हें सबका प्रिय बना गया।
सभा का समापन दो मिनट के मौन और भावुक वातावरण के साथ हुआ, जहां उपस्थितजनों ने अपने प्रिय ‘चंदू जी’ को अंतिम नमन करते हुए उनके अधूरे सपनों को साकार करने का संकल्प लिया।
