मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्रतिष्ठित चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉक्टर को शराब के नशे में मरीजों का इलाज करते हुए गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए डॉक्टर की पहचान डॉ. दीपक जैन के रूप में हुई है, जो स्थानीय स्तर पर बच्चों के इलाज के लिए जाने जाते हैं।

मरीजों को देखने के दौरान हुआ शक
जानकारी के अनुसार, डॉक्टर दीपक जैन का व्यवहार उस समय संदिग्ध प्रतीत हुआ जब वे अपने क्लिनिक में मरीजों को देख रहे थे। उनका लड़खड़ाता हुआ व्यवहार और अस्पष्ट बातचीत ने मरीजों के परिजनों को चिंतित कर दिया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इस स्थिति की सूचना मोतीपुर थाना को दी।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
सूचना मिलते ही मोतीपुर थाना की पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने डॉक्टर की प्रारंभिक जांच की, जिसमें शराब के सेवन की आशंका और संकेत मिले। इसके बाद डॉक्टर को हिरासत में लिया गया और मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया।

मेडिकल रिपोर्ट में शराब की पुष्टि
मेडिकल जांच में पुष्टि हुई कि डॉक्टर नशे में थे। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने डॉ. जैन को तत्काल गिरफ्तार कर लिया। यह घटना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी बेहद गंभीर मानी जा रही है, खासकर तब जब प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी लागू है।
उत्पाद विभाग ने दी जानकारी
मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग के पदाधिकारी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मोतीपुर में एक डॉक्टर शराब के नशे में धुत है। लेकिन जब तक वे मौके पर पहुंचे, तब तक स्थानीय थाना पुलिस पहले ही डॉक्टर को हिरासत में ले चुकी थी। आगे की विस्तृत जानकारी स्थानीय थाना से ही मिलेगी।

आबकारी कानून के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डॉक्टर से पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने शराब की व्यवस्था कैसे की, और इसमें कौन-कौन शामिल हो सकता है।

समाज में बढ़ी चिंता
एक चिकित्सक द्वारा इस तरह की लापरवाही, वह भी शराबबंदी वाले राज्य में, समाज में चिंता का विषय बन गई है। मरीजों की जान की जिम्मेदारी संभालने वाले डॉक्टर की यह हरकत न केवल चिकित्सा आचारसंहिता के खिलाफ है, बल्कि प्रदेश सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़ा करती है।
जांच जारी, प्रशासन सतर्क
फिलहाल पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि डॉक्टर तक शराब कैसे पहुंची, और क्या इसमें किसी अन्य की संलिप्तता है।