पटना, 19 अगस्त 2025। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बिहार के युवाओं ने आज पटना में आवाज़ बुलंद की। चंद्रगुप्त इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, पटना (CIMP) में आयोजित लोकल कॉन्फ्रेंस ऑफ यूथ (LCOY) इंडिया 2025 में राज्य के अलग-अलग जिलों से आए 60 से अधिक युवाओं ने जलवायु समस्याओं पर चर्चा की और स्थानीय समाधान सुझाए।

इस परामर्श का उद्देश्य युवाओं के विचारों को नेशनल यूथ स्टेटमेंट (NYS) में शामिल करना है, जो आगे चलकर ब्राज़ील में होने वाले COP30 जलवायु सम्मेलन में भारत की ओर से युवाओं की आवाज़ को विश्व मंच तक पहुँचाएगा।
बिहार की चुनौतियाँ और युवाओं के सुझाव
बैठक में पाँच विषयों पर विशेष फोकस रहा — बाढ़ अनुकूलन क्षमता, जल संसाधन प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन, युवा-प्रेरित जलवायु नवाचार और सतत कृषि।
कक्षा 10 की छात्रा निशा कुमारी ने कहा कि बाढ़ केवल बारिश का परिणाम नहीं, बल्कि नालियों के जाम होने से हालात और बिगड़ते हैं। एनसीसी कैडेट सुधांशु रंजन ने पशुओं के संरक्षण और जैव विविधता की रक्षा पर जोर दिया।
युवाओं ने “यूथ विज़न बोर्ड” गतिविधि में सतत और समावेशी पटना की परिकल्पना भी साझा की, वहीं पॉलिसी राउंडटेबल के दौरान मतदान कर ठोस सुझाव पेश किए।

विशेषज्ञों की राय
डॉ. अभिषेक कुमार, तकनीकी विशेषज्ञ, पर्यावरण एवं वन विभाग, बिहार सरकार ने 2028 तक राज्य में 20% हरित आवरण हासिल करने का लक्ष्य साझा किया। मार्गरेट ग्वाडा, प्रमुख, यूनिसेफ बिहार ने कहा कि बार-बार की बाढ़ और सूखा बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य पर सबसे गहरा असर डालते हैं, इसलिए युवाओं की भागीदारी अनिवार्य है। प्रो. (डॉ.) राणा सिंह, निदेशक, CIMP ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर जलवायु समाधान तक, नवाचार में युवा अग्रणी हैं। डॉ. शशिधर झा ने स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

राष्ट्रीय से वैश्विक स्तर तक पहुँचेगी आवाज़
पटना सहित मुंबई, हैदराबाद, जयपुर और गुवाहाटी में हो रही LCOY बैठकों से जुटे सुझाव भारत के नेशनल यूथ स्टेटमेंट में जोड़े जाएंगे। यही दस्तावेज़ वैश्विक मंच पर ग्लोबल यूथ स्टेटमेंट का हिस्सा बनेगा और COP30 (ब्राज़ील) में भारत के युवाओं का दृष्टिकोण दुनिया के सामने रखेगा।
आयोजन के सहयोगी
यह आयोजन इंडियन यूथ क्लाइमेट नेटवर्क (IYCN), यूनिसेफ बिहार, सत्त्विक सोल फाउंडेशन (SSF) और स्थानीय साझेदार इको वॉरियर की ओर से किया गया।
