
PATNA : बिहार के चर्चित पुलिस अधिकारी, बिहार पुलिस के नए मुखिया गुप्तेश्वर पाण्डेय ने अपराध नियंत्रण और सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने के लिए राज्य की जनता से अपील की है. बिहार में बढ़ते अपराध पर उन्होंने कहा कि अपराध नियंत्रण हेतु पुलिस मुख्यालय में वरीय पदाधिकारियों की एक डीजी टीम बनायी जायेगी, इसमें सभी सीनियर आईपीएस अधिकारी की एक टीम होंगी। जो विधि व्यवस्था संधारण और बिहार में अपराध नियंत्रण के मामलो में फैसले लेगी. उन्होंने कहा कि कोई भी महत्वपूर्ण फैसला वे अकेले नहीं लेंगे. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि शराबबंदी के कानून को सख्ती से लागू करने में जो बन पड़ेगा, वो सब करेंगे और शराबबंदी के कानून को सख्ती से लागू कराएँगे.

उन्होंने पुलिसकर्मियों को संदेश देते हुए कहा कि एक सिपाही भी सलाम करने योग्य है, सिपाही से लेकर थाना प्रभारी और जितने भी छोटे स्तर के पदाधिकारी हैं, वे सभी विभाग की नींव है, जिनकी मैं बहुत इज्जत करता हूँ और इसमें 90 प्रतिशत पदाधिकारी पूरी ईमानदारी से सरकार के शराबबंदी कानून को सफल बनाने में लगे हुए हैं, पर सिस्टम में कुछ 2-4 प्रतिशत भ्रष्ट भी होते हैं, उनको मेरा सीधा संदेश और चेतावनी है कि वे सुधर जाए, और कार्य में लापरवाही न बरतें. लापरवाही करने वाले अधिकारी होंगे बर्खास्त.

कोई भी पुलिस अधिकारी या सरकारी अधिकारी बेचते, बिकवाते, पीते-पिलाते या संरक्षण देते अथवा किसी भी शराब माफिया के साथ सांठ-गाँठ करते हुए उनपर कार्रवाई करते हुए तत्क्षण ऍफ़ आई आर होगा, जेल जायेंगे और बर्खास्तगी की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने दोषियों पर यथासंभव विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करते हुये 24 घंटों के अंदर बर्खास्तगी करते हुए मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की भी बात कही।

उन्होंने बिहार की जनता और बिहार के सारे नौजवानो से अपील करते हुए कहा कि-पुलिस प्रशासन का सहयोग करते हुए इस संकल्प के साथ जाग कर खड़े हो जाए कि बिहार को नशामुक्त-अपराधमुक्त बनाना है तो उनके सहयोग से पुलिस प्रशासन द्वारा बहुत हद तक इन समस्याओं पर काबू पाया जा सकता है.

अपराधियों में दहशत पैदा कर देनेवाले श्री पाण्डेय आम आदमी के दिल अजीज हैं. वो स्मार्ट पुलिसिंग और कम्युनिटी पुलिसिंग के साथ साथ सम्पर्दायिक तनाव को चुटकी बजाते नियंत्रित करने के लिए जाने जाते हैं. श्री पाण्डेय का कहना है कि बिहार में जनता के सहयोग समर्थन और सरकार के ईकबाल की वजह से साम्प्रदायिक सद्भाव और अमन-चैन का माहौल कायम है. डीजीपी बनते ही गुप्तेश्वर पाण्डेय ने कहा कि अपराध पर नकेल कसेंगे। डीजीपी टीम बनाउंगा। काम में लापरवाही करने वाले अधिकारी को बर्दास्त नहीं किया जाएगा। बिहार में पूर्णतः शराबबंदी हमारी पहली प्राथमिकता होगी। जो बेचेंगे या पियेगा उन सबके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।

उन्होंने डीजीपी का पद संभालते ही राज्य की जनता से सामप्रदायिक सद्भाव, भाईचारा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की है. श्री पाण्डेय की आम जनता से अपील-:
आदरणीय भाइयों-बहनों एवं मेरे प्रिय दोस्तों.
सादर नमस्कार .
आज मुझे मुझे महत्वपूर्ण जिम्मेवारी मिली है. ये जिम्मेवारी है आपकी सुरक्षा की, पुलिस फ़ोर्स पर आपका भरोसा कायम रखने की, राज्य में भाईचारा अमन चैन बनाए रखने की. मैं इस चुनौती को सहर्ष स्वीकार करता हूँ. मैं इसके लिए पूरी तरह से तैयार हूँ .लेकिन इस चुनौती को मैं अवसर में तभी बदल पाऊंगा जब आपका भरपूर सहयोग मुझे और मेरी पुलिस फाॅर्स को मिलेगा. आपने मुझे बहुत प्यार, स्नेह और मान-सम्मान दिया है.मुझे पूरा भरोसा है कि इस बड़ी चुनौती को, हम आप मिलकर बिहार को देश का सबसे बेहतर सुशासन वाला राज्य बनाने के अवसर के रूप में बदल देगें.

दोस्तों कलयुग में भी ‘रामराज’ स्थापित करने की कोशिश की जा सकती है. लेकिन यह केवल पुलिस फ़ोर्स की बदौलत संभव नहीं है. इसके लिए हर बिहारी को एक पुलिसमैंन की भूमिका निभानी होगी.जिस दिन आप सब एक सजग सिपाही की भूमिका में आ जायेगें, यह कठिन काम बेहद आसान हो जाएगा.पुलिस की भूमिका का मतलब ये कतई नहीं कि आप कानून को अपने हाथ में लें. हाल के दिनों में जिस तरह की मोब लिंचिंग की घटनाएं राज्य और देश में हुई हैं या हो रही हैं, इससे हमारा नाम खराब हुआ है.हमारे उस बिहार का नाम ख़राब हुआ है जहाँ से हर धर्म-संस्कृति का प्रादुर्भाव हुआ है, जहाँ से देश दुनिया को शांति -भाईचारे ,साम्प्रदायिक सद्भाव का संदेश दिया गया है.अपने अपने गौरवशाली इतिहास, परंपरा-संस्कृति को समझना है, उसे बचाने के लिए संघर्ष करना है. इसलिए आपसे आग्रह है कि आप मोब लिंचिंग से बचिए , मोब लिंचिंग की घटनाओं को रोकिये और कानून व्यवस्था बनाए रखने में शासन प्रशासन का सहयोग करिए.

आज भी कानूनप्रिय लोगों की तादाद ज्यादा है. कानून तोड़नेवाले लोग मुट्ठी भर हैं. फिर सोंचिये क्यों मुट्ठी भर लोग आतंक फैलाने में सफल हो जाते हैं? जाति-मजहब के नाम पर कैसे फसाद करा देते हैं? क्योंकि आप चुप हैं. आपको अपनी ताकत का अहसास नहीं है.आप जिस दिन से एक सजग नागरिक की भूमिका निभाने का संकल्प ले लेगें, अपनी ताकत की पहचान कर लेगें और अपराध और अपराधियों के खिलाफ मोर्चा खोल देगें , ये मुट्ठी भर लम्पट लोग बिल में नजर आयेगें. लेकिन याद रहे कानून को अपने हाथ में नहीं लेना है. पुलिस की मदद करना और कानून का इस्तेमाल कर पुलिस के सहयोग से अपराध और अपराधियों के खिलाफ आपको संघर्ष का ऐलान करना है.अबतक मुझे आपके सहयोग और समर्थन की वजह से ही कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने में सफलता मिली है. अब जब पुरे राज्य की जिम्मेवारी मुझे सौंपी गई है, मैं पुरे राज्य की जनता से सहयोग समर्थन और आशीर्वाद की अपेक्षा करता हूँ.

भय- आशंका का त्याग कीजिये. कानून, भाईचारा-सद्भाव और बंधुत्व को अपना मजहब बनाइये और अपराध से लड़ाई को अपना धर्म और कर्तव्य बनाइये, हम जरुर एक गौरवशाली बिहार बनाने में सफल होगें. वैसे भी बिहार आज देश भर में कानून-व्यवस्था और सुशासन के लिए ही जाना जाता है. बिहार सरकार ने शराबबंदी का जो ऐतिहासिक फैसला लिया है, उसके लिए युग युग तक बिहार देश दुनिया में याद किया जाएगा. सरकार का यह फैसला कितना बड़ा और जरुरी है, यह सबको पता है. सरकार ने कानून बना दिया है. उसे लागू करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. लेकिन सफलता आपके सहयोग-समर्थन की मुंहताज है.आपके सक्रीय सहयोग और समर्थन के वगैर बिहार नशा-विमुक्त नहीं हो सकता. हमारे पूर्वजों ने और हमारी वर्तमान सरकार ने हमें देश दुनिया में जो मान सम्मान और प्रतिष्ठा दिलाई है, उसे बचाए रखना आपकी-हमारी सबकी जिम्मेवारी है. इस बिहारीपन के पहचान को हमें किसी भी कीमत पर आगे भी बनाए रखना है क्योंकि इसी से हमारा –आपका ,हम सबका मान-सम्मान और स्वाभिमान जुड़ा है. बिहार के मान-सम्मान में ही आपका, हमारा और हम सबका मान सम्मान जुड़ा है.
