MUZAFFARPUR : सोशल मीडिया पर गलत मैसेज करने वालों पर पुलिस पैनी नजर रखने लगी है। तिरहुत प्रक्षेत्र के जोनल आईजी नैयर हसनैन खान व एसएसपी मनोज कुमार ने आदेश जारी कर कहा हर आपत्तिजनक पोस्ट पर नजर रखी जाएगी। जोनल आईजी ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुये कहा है कि भ्रामक, विरोधाभासी व अफवाह फैलाने वाले पोस्ट, शेयर व फॉरवर्ड करने वालों वालों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी।

सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है। लेकिन ऐसा देखा जा रहा है कि सोशल मीडिया पर समाचार के नाम पर बने ग्रुप व अन्य नाम से बने ग्रुप पर कभी ऐसे समाचार या तथ्य भी प्रेषित हो रहे हैं, जिसकी सत्यता प्रमाणित नहीं होती है। कई तथ्य बिना पुष्टि के ही कट-पेस्ट व फारवर्ड किए जा रहे हैं।

विधि-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सोशल मीडिया, वाट्सअप , फेसबुक व ट्विटर के एडमिन को कई निर्देश जारी किया गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि ग्रुप एडमिन वहीं बने जो उस ग्रुप के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेवारी व उत्तरदायित्व का निर्वहन करने में सक्षम हैं। ग्रुप के सभी सदस्यों से ग्रुप एडमिन पूरी तरह परिचित हो। साथ ही पत्रकारों के संबंध में भी एसएसपी ने दिशा निर्देश जारी करते हुये कहा है कि जिनका सांगठनिक बैनर नहीं है उनको अधिकारिक ग्रूप में रहने या जुड़ने के लिए कोर मेम्बर की खुली सहमति आवश्यक होगी। सभी वरिष्ठ सदस्य बैठक कर कोर मेम्बर का शीघ्र चयन करें ताकि इस व्यवस्था को लागू किया जा सके।
एसएसपी ने फर्जी पोर्टलों और उनके संचालकों के लिये चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि ऐसे तथ्य जो निराधार होंगे, किसी व्यक्ति विशेष के लाभ/द्वेषपूर्ण मंशा साफ़ तौर पर परिलक्षित होती प्रतीत होगी, ऐसे में स्थापित क़ानून अपना काम करेगा। कड़ाई से इसको लागू किया जाएगा।
सैन्य अधिकारियों की अपील के बाद प्रशासन भी सोशल मीडिया पर पैनी निगाह रखे हुए है। अभद्र टिप्पणी, अफवाह व विरोधाभास फैलाने वाली पोस्ट, डालने और शेयर करने वालों पर कार्रवाई होनी तय हैं।
पुलवामा आतंकी हमले के बाद से ही पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ अथवा अफवाह फैलाने वाली पोस्टों के खिलाफ कार्रवाई कर यह संदेश दे दिया था कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर इस तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं होगी। हाल के दिनों में यूपी के गोरखपुर में हुई दो कार्रवाईयां इसी सख्ती का परिणाम थी। 