केरल के कोजीकोड मेडिकल कॉलेज में सोमवार सुबह वेस्ट नाइल वायरस से पीड़ित 7 वर्षीय लड़के की मौत हो गई है। लड़का राज्य के मलप्पुरम जिले का रहने वाला था। अस्पताल के सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी है। वेस्ट नाइल वायरस एक ऐसी बीमारी है जो पक्षियों से लेकर इंसान तक को हो जाती है। इस बीमारी का वायरस क्यूलेक्स नाम के मच्छर के काटने से फैलता है। इस बीमारी के लक्षण जुकाम, बुखार, बदन दर्द, थकान और मतली हैं। इससे मनुष्य के दिमाग पर भी असर पड़ता है।
प्रशासन ने 7 साल के मोहम्मद शान की मौत के बाद केरल के उत्तरी मालाबार क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इस बीमारी का कोई अन्य मामला अभी सामने नहीं आया है।केरल की स्वास्थय मंत्री केके शैलजा का कहना है, “घबराने की कोई बात नहीं है। लड़के को 10 दिनों तक आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। हम विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रोटोकॉल के अनुसार हाई अलर्ट पर हैं।”उन्होंने आगे कहा कि राज्य केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के लगातार संपर्क में है।

एक अन्य स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जो भी मृतक लड़के के साथ रहे, उसके माता-पिता, डॉक्टर आदि सभी को निगरानी में रखा गया है।राज्य के स्वास्थ्य निदेशक ने उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। सभी अस्पतालों को सतर्क कर दिया गया है। निजी अस्पतालों से आइसोलेशन वार्ड और सुरक्षा किट की व्यवस्था करने को कहा गया है।बीते हफ्ते दिल्ली से नेश्नल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के विशेषज्ञों की दो सदस्यीय टीम मलप्पुरम गई।
ताकि बीमारी के नियंत्रण के लिए राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों की मदद की जा सके।करीब सात महीने पहले कोजीकोड जिले की रहने वाली एक महिला सरकारी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती हुई थी। उसकी बीमारी के लक्षण वेस्ट नाइस वायरल जैसे थे। लेकिन उसकी जांच में ये वायरस नहीं पाया गया।