PATNA (ARUN KUMAR) : बिहार पुलिस के अथक प्रयास और मुस्तैदी के कारण प्रदेश में हर्षोल्लास पूर्ण होली पर्व सम्पन्न होने पर बिहार पुलिस के मुखिया डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने खुशी जाहिर करते हुए बिहार पुलिस के सभी कर्मियों को बधाई दी और कहा कि आपकी सफल मेहनत की बदौलत ही बिहार में शांतिपूर्ण और ऐतिहासिक रूप से होली पर्व मनाई जा सकी है.
पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय ने सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव आकर बिहार की जनता और पुलिस कर्मियों को संबोधित करते हुए उक्त बातें कहीं.

उन्होंने कहा कि होली के दौरान रोड पर खुलेआम गुंडागर्दी होती थी, जो इस वर्ष नहीं हुई जिससे बिहार के लोगों ने काफी राहत महसूस की. जनता को यह एहसास हुआ की बिहार पुलिस की कार्यशैली में बहुत बदलाव आया है. और इस कार्य के लिए बिहार पुलिस के सभी रैंक के पुलिसकर्मी बधाई के पात्र हैं.

डीजीपी ने कहा कि होली में सिपाही से लेकर हवलदार थानेदार समेत सभी पुलिसकर्मियों ने इमानदारी से अपने फर्ज का निर्वहन किया है जो सराहनीय है इसके लिये मैं डीजीपी होकर अपने अधीनस्थ सभी पुलिसकर्मियों को सैल्यूट करता हूं. होली के दौरान एक दो जगह छिटपुट गड़बड़ियां हुई हैं. झगड़ा करने और छेड़खानी करने की कोशिश हुई पर पुलिस की मुस्तैदी के कारण इस पर समय रहते काबू पाया जा सका. उन्होंने कहा कि बिहार में 12 करोड़ की आबादी है कहीं ना कहीं कुछ छिटपुट घटनाएं हो ही जाती है.

उन्होंने कहा होली पर्व के दौरान प्रदेश की जनता की सुरक्षा व सौहार्दपूर्ण वातावरण में होली मनाये जाने को लेकर पूरे प्रदेश में लगभग एक लाख की संख्या में पुलिसकर्मी मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी कर रहे थे पर दो चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं, वहीं 54 पुलिसकर्मी कर्तव्य परायणता में शिथिलता बरतते हुये अनुपस्थित पाए गए हैं. उन सभी के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

डीजीपी श्री पाण्डेय ने प्रदेश में शांतिपूर्ण वातावरण में निष्पक्ष रुप से लोकसभा चुनाव सम्पन्न कराने को लेकर अधीनस्थ सभी पुलिसकर्मियों को कई दिशा-निर्देश जारी किया जिसमें महत्वपूर्ण रूप से गुंडागर्दी रोकने के लिए गुंडा पंजी के महत्व पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला. उन्होंने संगठित आपराधिक गिरोह और गुंडों के लिए कड़ी कार्रवाई की बात कहते हुए बताया कि गुंडागर्दी रोकने के लिए यह कोई नई पहल नहीं की गई है बल्कि अंग्रेजों के जमाने से पुलिस मैनुअल में गुंडा पंजी का प्रावधान रहा, जिसका वर्तमान समय में सही से अनुपालन नहीं किया जा रहा है. वर्तमान समय में उक्त गुंडा पंजी को अद्यतन करने की पूर्ण रूपेण आवश्यकता है. डीजीपी ने कहा कि हर थाने में गुंडा पंजी उपलब्ध है जिसमें कुल 14 प्रकार की श्रेणियों के गुंडों का नाम थाना प्रभारियों द्वारा दर्ज किया जाना होता है. पंजी में संबंधित जिलों के एसपी के आदेश पर अराजत तत्वों और उनसे संबंधित सभी सूचनाओं का उल्लेख किया जाता है.

उक्त गुंडा पंजी में शराब पीने वाले, गांजा ड्रग्स स्मैक व नशीले व मादक पदार्थों का धंधा करने वाले, देह व्यापार करने कराने वाले, वेश्यालय चलाने वाले, रोड पर मारपीट करने वाले, सार्वजनिक स्थानों में गुंडागर्दी करने वाले, अपराध को अंजाम देने वाले बाईकर गैंग्स, कालाबाजारी करने वाले, झूठा जमानत करने व कराने वाले, सांप्रदायिक दंगा की योजना बनाने, दंगा करने कराने वाले, दंगा भड़काने और फैलाने वाले, सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने वाले, छात्रों को उत्साहित कर भड़का कर तरह-तरह के उपद्रव कराने वाले, अपहरण करने कराने वाले, जुआ सट्टा लाॅटरी का धंधा चलाने वाले और रंगदार.
उन्होंने कहा कि रंगदार की श्रेणी इस गुण्डा पंजी में पूर्व से उल्लिखित है, यह कोई नई श्रेणी नहीं है रंगदारी वसूलने वाले और उनका सहयोग करने वालों का नाम भी पंजी में चढ़ाया जाना है. ऐसे सभी लोगों की सूची बनाकर उनके नाम पता व संपर्क संख्या समेत उनके रिश्तेदारों सहयोगियों का नाम पता तक पंजी में दर्ज किया जाएगा.

पुलिस महानिदेशक श्री पाण्डेय ने कहा कि थानों में पूर्व से मौजूद गुंडा पंजी में इन सब का उल्लेख दर्ज है, पर यह सब काफी पुराने पड़ चुके हैं. कई सारे गुंडे दूसरे स्थान पर प्रस्थान कर चुके हैं कितने ही सुधर चुके हैं और समाज की मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं, इनमें से कई वृद्ध हो चुके हैं, कई स्थान परिवर्तन कर चुके हैं. अब बिहार पुलिस मुख्यालय के आदेशानुसार गुंडा पंजी को अद्यतन कर एक नए सिरे से अप टू डेट किया जा रहा है.

गुंडा पंजी को अपडेट करने का कार्य प्रारंभ हो चुका है. गुंडा पंजी में संबंधित गुंडों के काले धंधे से कमाई, परिवार में सदस्यों, रिश्तेदारों व सहयोगियों के नाम पते, परिवार में किन लोगों के पास हथियार का लाइसेंस निर्गत है और किस-किस के पास कौन से हथियार हैं उन सब के हथियारों के लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा सुनिश्चित की जाएगी. कोई भी सक्रिय असामाजिक तत्व, गुंडा मवाली, अराजक तत्व चरित्र सत्यापन कराने जाएंगे तो उनके चरित्र प्रमाण पत्र में लिखा जाएगा कि “इनका नाम गुंडा पंजी में पूर्व से दर्ज है”. उनके खिलाफ बकायदा डोजियर मेंटेन किया जाएगा. संबंधित थानों में बकायदा गुंडा परेड करवाते हुये उनकी फोटोग्राफी भी की जाएगी और गुंडा पंजी में विस्तारपूर्वक उल्लेख किया जाएगा.

एक शुभचिंतक और अभिभावक की तरह उन्होंने नौजवानों को हर तरह के बुरे कार्यों से दूर रहने के सुझाव देते हुए कहा कि-अपने बेहतर भविष्य के लिए अच्छे मार्ग पर चलें अन्यथा किसी भी मामले में किसी भी स्त्रोत से उनका नाम अगर गुंडा पंजी में दर्ज हो गया तो वह किसी भी सरकारी लाभ, सरकारी योजना या सरकारी नौकरियों के योग्य नहीं रह जाएंगे. डीजीपी श्री पांडे ने प्रदेश के सभी थानेदारों को चेतावनी भरे शब्दों में कहा है कि इस पर भी बारीकी से काम करें ताकि किसी भी निर्दोष का नाम गुंडा पंजी में दर्ज ना हो. उन्होंने प्रदेश के सभी पुलिस उपाधीक्षक और पुलिस निरीक्षकों से कहा है कि पूरी तरह अच्छे से जांच पड़ताल कर ही संबंधित एसपी/एसएसपी को गुंडा पंजी से संबंधित सूची सौंपें. उन्होंने कहा कि यह सभी कार्य व्यवस्थित ढंग से शुरू हो चुका है और अगले 100 दिनों में प्रदेश के सभी गुंडा पंजी को अद्यतन कर लिया जाएगा. पुलिस मैन्युअल के मुताबिक गुंडा पंजी मुख्यालय स्तर पर, संबंधित जोन के पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक और एसपी/एसएसपी के दफ्तरों में इसकी एक-एक कॉपी रहेगी.

उन्होंने गुंडा पंजी को अद्यतन करने की दिशा में कहा कि गुंडा पंजी में पूर्व में जिनका भी नाम शामिल हो चुका है और वर्तमान में उनकी मृत्यु हो गई हो, स्थान परिवर्तन हो चुका हो, वृद्ध हो गये हों या समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर जिम्मेदार नागरिक का जीवन यापन कर रहे हों, तो इसके लिए भी पंजी में संशोधन हेतु उन्हें संबंधित थाना में आना ही होगा. डीजीपी ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील करते हुए गुंडा पंजी संशोधन में पुलिस प्रशासन के मदद की बात भी कही.

अपने संदेश की अंत में डीजीपी ने बिहार में सौहार्दपूर्ण और शांति पूर्वक होली सम्पन्न कराने की ही तरह ही उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में रामनवमी है और लोकसभा चुनाव भी. इसी तरह ईमानदारी पूर्वक और मुस्तैदी से अपने कर्तव्य का निर्वहन करें जिससे जनता में प्रशासन के प्रति सहयोगात्मक रवैया व बेहतर संबंध स्थापित हो सके. चुनाव ड्यूटी के दौरान असामाजिक तत्व को पहचान कर विधिसम्मत कार्रवाई करें. मतदान के दौरान मतदान केन्द्र पर जाने से रोकने वाले डराने धमकाने वाले, यथा किसी भी तरह के असामाजिक तत्व, अराजक तत्वों को पहचान कर उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें. बिहार की 12 करोड़ आवाम का कर्ज उतारना है, इसी तरह ईमानदारी पूर्वक कार्य करें जिससे अपराधी भागते दिखें और पुलिस उन्हें खदेड़ती नजर आए. बिहार पुलिस हर हालत में हर तरह से प्रदेश में शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में निष्पक्ष मतदान कराने को लेकर कृत संकल्पित है. पुलिस की जनता के प्रति जवाबदेही है उसे हर हाल में पूरा करने की हरसंभव कोशिश करेगी बिहार पुलिस.
