MUZAFFARPUR : धर्मशाला चौक पर धूमधाम से मना विक्रम संवत 2076

MUZAFFARPUR : आज शनिवार 6 अप्रैल को स्थानीय धर्मशाला चौक पर शहरवासियों के साथ शशिरंजन उर्फ पिंकू शुक्ला के नेतृत्व में हिंदू नववर्ष हर्षोल्लास के साथ आतिशबाजी कर एवं एक दूसरे का मुंह मीठा कर मनाया गया. नववर्ष मनाने के क्रम में श्री शुक्ला ने कहा कि हिंदू नववर्ष के रुप में आज का दिन कई इतिहास को संजोये है. भारत के हर व्यक्ति को अपने नववर्ष के बारे में जानकारी रखनी चाहिए.


भारत में एक बहुत ही पवित्र राजा हुए थे जिनका नाम महाराजा विक्रम था, महाराजा विक्रम के नाम पर ही भारतीय वर्ष का नाम विक्रम वर्ष रखा गया था. आज ही के दिन भगवान विष्णु का प्रथम अवतार हुआ था और आज के दिन ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की. आज ही के दिन भगवान राम का एवं युधिष्ठिर का राज्याभिषेक हुआ. सिखों के द्वितीय गुरु श्री अंगद देव जी का जन्म दिवस भी आज ही है. स्वामी दयानंद सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना भी आज ही के तिथि पर की थी. आज के दिन महर्षि गौतम की जयंती भी है और भारतवर्ष के किसानों के लिए भी यह समय फसल के काटने का और नए फसल को बोने का है, जो समाज के सुख का परिचायक है.

मौके पर साकेत सिंह ने कहा कि महाराजा विक्रमादित्य के द्वारा आज ही के दिन विक्रम संवत की शुरुआत की गई थी. आज के दिन से विक्रम संवत 2076 शुरु हो गया है. हिंदू नववर्ष के साथ ही इस दिन हिंदू कैलेंडर भी शुरु हुआ था. भारतीय नव वर्ष चैत्र से शुरु होता है और फाल्गुन माह पर समाप्त होता है. भारतीय नववर्ष में भी 12 माह होते हैं चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ और फाल्गुन. चैत्र प्रतिपदा के दिन अलग-अलग स्थानों पर अनेक मान्यताएं हैं.

दरअसल भारतीय कैलेंडर की गणना सूर्य और चंद्रमा के अनुसार होती है. माना जाता है विक्रमादित्य के काल में सबसे पहले भारत से कैलेंडर अथवा पंचाग का चलन शुरू हुआ. इसके अलावा 12 महीनों का एक वर्ष और सप्ताह में 7 दिनों का प्रचलन भी विक्रम संवत से ही माना जाता है. कार्यक्रम में मुख्य रूप से लड्डू मेहता, साकेत सिंह, रवि रंजन उर्फ टिंकू शुक्ला, चंदन कुमार, नवीन सिद्धार्थ, रंजीत कुमार, टुनटुन कुमार, संतोष कुमार आदि दर्जनों की संख्या में लोग उपस्थित थे.

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