
MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : लोकसभा चुनाव के नामांकन के दौरान प्रत्याशी विशेष को मदद पहुँचाने के आरोप में शुक्रवार 26 अप्रैल को मुजफ्फरपुर निगरानी न्यायलय में 16-वैशाली लोकसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी सह जिलाधिकारी, 15-मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी, सामान्य प्रेक्षक, पुलिस प्रेक्षक समेत सात प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ परिवाद पत्र दायर किया गया है. न्यायलय द्वारा मामले की सुनवाई की तिथि मंगलवार 29 अप्रैल निर्धारित की गयी गयी है.

मिली जानकारी के अनुसार परिवादी दीपक कुमार सहनी ने बताया वे सामाजिक सरोकारों से सम्बन्ध रखते हैं और पेशे से अधिवक्ता भी हैं. 15-मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने हेतु 17 अप्रैल को नामांकन परचा दाखिल किया था. 20 अप्रैल को नामांकन पत्र समीक्षा (स्क्रूटनी) के दौरान 15 अन्य अभ्यर्थियों के साथ स्वहस्तान्तरित न होने के कारण मेरा भी नामांकन परचा रद्द कर दिया गया.

वहीं 16-वैशाली लोकसभा क्षेत्र के नामांकन पत्र समीक्षा (स्क्रूटनी) के दौरान प्रत्याशी वीणा देवी पर न्यायालय में चल रहे एक मुकदमे का जिक्र नामांकन परचा में नहीं किया गया था, जिसमें अभियुक्त संख्या 1 एवं 2 (प्रत्याशी वीणा देवी) को प्रशासन द्वारा नामांकन में मदद करते हुए उन्हें पक्ष रखने का पूरा वक़्त दिया गया.
परिवादी ने आवेदन देते हुए कहा की न्यायलय को मालूम की श्रीमती वीणा देवी पर वैशाली के लालगंज थाना में धारा 427, 379 आईपीसी, 27 आर्म्स एक्ट एवं एससी/एसटी के तहत कांड संख्या 43/05 दर्ज है, जिसमें अभियुक्त संख्या 2 वीणा देवी फरार हैं. कानून के तहत इस नामांकन को रद्द किया जा सकता था. फिर भी वैशाली/मुजफ्फरपुर के लोकसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी ने साजिशन प्रजातंत्र का गला घोंटने का कार्य किया है तथा साजिशन मिलीभगत से फरार अभियुक्त वीणा देवी को साक्ष्य छुपाने में मदद किया और नामांकन को वैध ठहराया जा रहा है.

परिवादी दीपक कुमार सहनी ने इस सम्बन्ध में 16-वैशाली लोकसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी आलोक रंजन घोष, 15-मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी राजेश कुमार, डीसीएलआर पूर्वी, सामान्य प्रेक्षक, पुलिस प्रेक्षक, डीसीएलआर पश्चिमी और जिला जनसम्पर्क अधिकारी कमल कुमार सिंह के खिलाफ मुजफ्फरपुर विशेष निगरानी न्यायालय में परिवाद दायर किया है. परिवादी दीपक कुमार ने मीडिया में दिए बयान में कहा की लोकतंत्र के हत्यारे अधिकारियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य इकठ्ठा कर माननीय न्यायालय में जमा कर दिया गया है.

मालूम हो की वीणा देवी द्वारा नामांकन परचा में लालगंज थाना में दर्ज आपराधिक कांड में फरार होने की जानकारी नहीं दी गई थी, जिस पर राजद प्रत्याशी रघुवंश प्रसाद सिंह ने समाहरणालय परिसर में समर्थकों संग देर रात तक प्रशासन विरोधी नारे लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया था और प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप भी लगाया था. इसके साथ ही मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों की स्क्रूटनी के दौरान नामांकन रद्द होने से क्षुब्ध दो प्रत्याशियों ने समाहरणालय परिसर में आत्मदाह का प्रयास भी किया था, जिस पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था.
