योग गुरु रामदेव शुक्रवार को पटना साहिब से भाजपा उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद के नामांकन में शामिल हुए। यह पहली बार है जब किसी के नामांकन में रामदेव शामिल हुए हैं। रविशंकर यहां शत्रुघ्न सिन्हा के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी से लगातार नाराज चल रहे सिन्हा कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं और उसी के टिकट पर प्रसाद से मुकाबला कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने साध्वी प्रज्ञा को राष्ट्रवादी करार दिया और कहा- महज संदेह के आधार पर उन्हें नौ सालों तक गिरफ्तार कर जेल के अंदर प्रताड़ित किया गया, जैसे वह कोई आतंकवादी हों।
उन्होंने कहा,
यह गुनाह की पराकाष्ठा थी। आपने सिर्फ संदेह के आधार पर एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया और नौ सालों तक उसे शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी। उन्हें जिस तनाव से गुजरना पड़ा उससे वह शारीरिक रूप से कमजोर और कैंसर से प्रभावित हो गईं। वह आतंकवादी नहीं बल्कि राष्ट्रवादी महिला हैं।
मालेगांव बम धमाकों की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर द्वारा 26/11 आतंकी हमले में शहीद हुए मुंबई एटीएस के पूर्व प्रमुख हेमंत करकरे को लेकर दिए गए बयान कि उनकी मौत उनके ‘शाप’ की वजह से हुई, के बारे में पूछे जाने पर रामदेव ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमें महिला के प्रति कुछ संवेदना दिखानी चाहिए और उस व्यथा और कड़वाहट को समझने की कोशिश करनी चाहिए जिसकी वजह से उन्होंने ऐसा बयान दिया होगा।
करकरे को उनके हिंदू आतंकवादी होने का संदेह था। यह पूछे जाने पर कि क्या वह भोपाल जाकर प्रज्ञा ठाकुर के पक्ष में प्रचार करने जाएंगे, रामदेव ने कहा कि मैंने आपसे जो कहा वह आपको सुर्खियां देने के लिए पर्याप्त हैं। कृपया इससे संतुष्ट रहें।
योग गुरु ने कहा कि आम तौर पर वह नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान नेताओं के साथ नहीं रहते लेकिन प्रसाद के लिए वह आए हैं। क्योंकि उन्हें वह पाटलिपुत्र के लिए मंगलकारी मानते हैं जैसे मोदी (प्रधानमंत्री) देश के लिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीख करते हुए योग गुरु ने कहा कि मोदी का सिर्फ एक एजेंडा है, भारत को महाशक्ति बनाना। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए वह रोजाना 16-20 घंटा काम करते हैं और उनका दिमाग एक तरफ केंद्रित है। क्योंकि उनका कोई परिवार नहीं है न ही कोई अन्य भटकाव।