
MUZAFFARPUR : कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य के लगभग सभी जिलों के जेलों में एक साथ पुलिस की छापेमारी चली. बड़ी संख्या में जेल पहुंची पुलिस की टीम ने सभी वार्डों की सघन तलाशी की. बिहार के कई जिलों के जेलों में आज सुबह से पुलिस की छापेमारी की गई. जिससे कैदियों के बीच हड़कंप मचा रहा. छापेमारी जिले के डीएम, एसपी, एसडीओ एवं एएसपी के नेतृत्व में छापेमारी की गई.

जानकारी के अनुसार कुछ दिन पूर्व नवादा मंडल कारा से एक हैरान करने वाली खबर आई थी. इस खबर ने पुलिस महकमे और जेल प्रशासन को चौंका कर रख दिया. दरअसल, जेल में स्मार्टफोन के इस्तेमाल की खबरें कम ही सामने आती हैं. नवादा मंडल कारा से एक कैदी की न सिर्फ मोबाइल चलाते तस्वीरें बल्कि फेसबुक अकाउंट अपडेट करते तस्वीरें वायरल हो रही है. नवादा जेल से आई इन तस्वीरों ने जेल प्रशासन की पोल खोल कर रख दी. जेल में बंद रजौली के टकुआटांड का रहने वाला कैदी रोहित कुमार उर्फ धोनी उर्फ माही यादव के जेल से फेसबुक चलाने की बात सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. फेसबुक पर यह अकाउंट माही यादव के नाम से बना हुआ है. जेल में मोबाइल संचालन की खबर प्रकाश में आते ही प्रशासन हरकत में आया और गृह विभाग के आदेश पर बिहार के सभी जेलों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर यह सुनिश्चित किया गया की जेलों में अवैध, प्रतिबंधित और आपत्तिजनक वस्तुओं की मौजूदगी न हो.

गृह विभाग के आदेशानुसार बिहार के जेलों में सघन छापेमारी की गयी. सुरक्षा के दृष्टिकोण से गुरुवार 30 मई को प्रातः 9 बजे से उत्तर बिहार के सभी जेलों में सघन छपेमारी अभियान चलाया गया. पटना के आदर्श केंद्रीय कारा बेउर, मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा, कटिहार मंडल कारा, औरंगाबाद, नवादा, सहरसा, कटिहार, सिवान, सारण, समस्तीपुर, लखीसराय, सहित बिहार के तमाम जेलों में एकसाथ छापेमारी की गई. खबर के मुताबिक जेल आईजी मिथिलेश मिश्रा के निर्देश पर जारी इस अभियान में जेलों के भीतर से होने वाले आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही मोबाइल, मादक पदार्थ समेत आपत्तिजनक वस्तुओं पर विशेष नजर रखे जाने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं. इस दौरान जेल में बंद कुख्यातों के वार्डों को भी खंगाला गया.

मुज़फ़्फ़रपुर में जिलाधिकारी, एसएसपी, एसडीओ पूर्वी व पश्चिमी, एसडीएम सहित जिले के सभी थाना पुलिस की गाड़ियां मुज़फ़्फ़रपुर जेल पहुंच छापेमारी की. तीन घंटे तक चली छापेमारी के दौरान खैनी के डब्बे, गांजा पीने का चिलम, माचिस, सिगरेट, गुल के डब्बे, मोबाइल चार्जर, नेलकटर, ताश की गड्डी, नगद रूपए और कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबर मिले हैं. जिसकी जांच कराइ जा रही है. मुजफ्फरपुर के एसएसपी व अनुमंडलाधिकारी पूर्वी कुंदन कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया की लगभग बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ जिलाधिकारी व वरीय पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जेल के विभिन्न वार्डों में तलाशी व सघन जाँच अभियान चलाया गया. जाँच के दौरान कई आपत्तिजनक सामान बरामद किये गये हैं जो जेल मैनुअल के खिलाफ है. उन्होंने कहा की बरामद मोबाइल नंबरों की जांच कराई जा रही है. लेकिन सवाल यह नहीं की जेल के अंदर मोबाइल तथा आपत्तिजनक सामान नहीं मिला.

अब सवाल यह उठता है कि आखिरकार जेल के अंदर प्रतिबंधित वस्तुएं अंदर कैसे चली जाती है. क्या जेल प्रशासन की मिलीभगत होती है या फिर सच में आंख मिचोली. इससे तो फिर से एक बार जेल प्रशासन पर सवाल खड़ा होने लगा है. बहरहाल देखते हैं कि आगे क्या इस पर प्रशासन कार्रवाई करती है या नहीं. यह माना जाता है की आपराधिक घटनाओं के तार कहीं न कहीं जेल से जुड़ते रहे हैं और जेल में बंद कई कुख्यात अपराधकर्मी जेल से ही शहर में अपराध को संचालित करने का कार्य करते हैं.

बिहार के अन्य जेलों की बात करें तो नवादा जेल में छापेमारी के दौरान मोबाइल चार्जर, 2 मोबाइल की बैटरी, समेत गांजा, चिलम बरामद हुए. सिवान और सारण मंडल कारा में एक-एक मोबाइल, चाकू, खैनी और इलेक्ट्रिक उपकरण आदि बरामद किये गए. सहरसा मंडल कारा में डीएम शैलजा शर्मा और एसपी राकेश कुमार के नेतृत्व में की गयी छापेमारी के दौरान एक मोबाइल फ़ोन बरामद हुआ है. कटिहार में डीएम पूनम कुमारी और एसपी विकास के नेतृत्व में की गई छापेमारी में ताश के गड्डी बरामद हुई है.

औरंगाबाद मंडल का रा में एसपी दीपक बर्णवाल, एसडीओ प्रदीप कुमार, एसडीपीओ अनूप कुमार, अंचलाधिकारी प्रेम कुमार के नेतृत्व में छापेमारी के दौरान नक्सली साहित्य के अलावे कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामदगी की सुचना नहीं है. भभुआ जेल में जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार प्रशासन एवं पुलिस के द्वारा संयुक्त रूप से छापामारी में कई आपत्तिजनक सामान जैसे खैनी सिगरेट, ताश के पत्ते, माचिस के डिब्बे, छोटा चाकू, 3000 नकद आदि बरामद किये गए हैं. इस संबंध में विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है.
