भारत आजकल विदेशी डिजिटल कंपनियों के माध्यम से प्रॉफिट कमाने की तैयारी कर रहा है। इस बार प्रॉफिट के लिए गूगल, फेसबुक, नेटफ्लिक्स जैसी बड़ी-बड़ी डिजिटल कंपनियों की लगाम कसी जा सकती है। 8-9 जून को जापान में G20 समिट है, जिसमें भारत की ओर से इन कंपनियों पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा। टैक्स लगा कर प्रॉफिट कमाने का यह फॉर्मूला भारत के लिए पहले भी फायदेमंद साबित हो चुका है। 2016 में भारत ने देश में विज्ञापनों से कमाई करने वाली विदेशी डिजिटल कंपनियों पर 6 फीसदी टैक्स लगाया था, जिसके बाद 2018-19 में सरकार ने इस टैक्स से 1000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की कमाई की।

दरअसल विदेशी इंटरनेट कंपनियां कम टैक्स वाले न्याय क्षेत्रों से ऑपरेट करती हैं, जबकि उनका व्यापार कई अन्य जगहों पर भी फैला रहता है, जहां से उन्हें करोड़ों का फायदा होता है। जब कोई भारतीय ग्राहक इनकी सुविधाओं का उपयोग करता है, या इन कंपनियों को विज्ञापन देता है, तो इसका भी सीधा फायदा उन कंपनियों को ही होता है। इसके बावजूद उन्हें भारत में टैक्स नहीं देना पड़ता है, क्योंकि वो यहां मौजूद नहीं हैं। ऐस में यहां से हुई लोकल कमाई पर कंपनियों का टैक्स बच जाता है। इनकी जगह अगर कोई भारतीय कंपनी अपने ही देश में ऐसे व्यापार करती, तो उसे लाखों करोड़ो का टैक्स देना पड़ता।

जिन देशों में इन कंपनियों के यूजर्स हैं, वहां के न्याय क्षेत्र के हिसाब से अगर इन पर टैक्स लगा दिए जाएं, तो कंपनी की कुल प्रॉफिट पर सरकार को बड़ा फायदा होगा। भारत 2016 के बाद इस बार इन विदेशी डिजिटल कंपनियों पर और उनकी आर्थिक उपस्थिति के आधार पर टैक्स लगाने की पेशकश करेगा।
