
PATNA (ARUN KUMAR) : बढ़ते अ’पराध और बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आज पटना में हाई लेवल मीटिंग हुई. सीएम नीतीश कुमार इस समीक्षा बैठक की अगुवाई की. लगभग तीन घंटे तक चली इस मीटिंग में बढ़ते अ’पराध और कानून व्यवस्था सुदृढ़ीकरण की दिशा में सीएम ने कई आदेश दिए. पटना, वैशाली और मुजफ्फरपुर में अ’पराध की घटना पर सीएम ने कई सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. बैठक के बाद गृह सचिव और डीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. प्रेस वार्ता के दौरान डीजीपी ने कहा कि मुजफ्फरपुर, वैशाली और पटना में सबसे ज्यादा अ’पराध की घटनाएँ घटित हो रही है. इसको लेकर डीजी रैंक के अधिकारी समीक्षा करेंगे.

पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय ने कहा कि सीएम के निर्देश पर पुलिस उपमहानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक सघन गश्ती-पेट्रोलिंग की मॉनिटरिंग करेंगे. जिलों के थानेदार को रेफरेंस कोर्स कराया जाएगा. वहीं सभी थाना में थाना प्रबंधक की भी नियुक्ति की जाएगी. अनुमंडल स्तर पर एडिशनल एसडीपीओ और थानों में एडिशनल एसएचओ की तैनाती की जाएगी. थाने को लेकर पुलिस मुख्यालय तक प्राथमिकता तय की जाएगी. पुलिस मैन्युअल का नए सिरे से गठन किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि जांच को विधि से अलग करने पर विचार हुआ है. अब सम्बंधित रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को 10 दिन तक अनुमंडल में कैंप करना होगा. डीजी टीम द्वारा पटना में 11 अनुमंडलान्तर्गत पुलिसकर्मियों के कार्यों की समीक्षा की गई. डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने आगे कहा कि पटना के सभी नौ अनुमंडलों में डीजी टीम की समीक्षोपरांत विधि व्यवस्था संधारण और अ’पराध नियंत्रण की दिशा में शिथिलता बरतने वाले 20 चिन्हित एसडीपीओ और डीएसपी पर विभागीय कार्रवाई निश्चित है. डीजीपी ने स्वयं इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस उपमहानिरीक्षक को यह निर्देश दिया गया था कि संबंधित क्षेत्र के 5 एसडीपीओ को चिन्हित कर सूचीबद्ध करें जो विधि व्यवस्था संधारण और अपराध नियंत्रण की दिशा में विफल साबित हो रहें हैं. जिसके बाद विभिन्न रेंज के डीआईजी द्वारा 20 एसडीपीओ/डीएसपी की लिस्ट डीजीपी को सौंप दी गई है. हालांकि डीजीपी ने किसी भी एसडीपीओ/डीएसपी के नामों का खुलासा नहीं किया है.

उन्होंने कहा कि अ’पराधिक घटनाओं की रोकथाम हेतु सूचना के लिए दो टॉल फ्री नंबर जारी किए जाएँगे. वहीं, 1.40 लाख लम्बित केस के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा पुलिस उपाधीक्षक की नियुक्ति की जाएगी. गृह सचिव आमिर सुबहानी ने बताया की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आदेशानुसार अब पुलिस उपमहानिरीक्षक हफ्ते में 3 दिन, पुलिस अधीक्षक/ वरीय पुलिस अधीक्षक हफ्ते में 4 दिन, पुलिस उपाधीक्षक हफ्ते में 5 दिन सम्बंधित जिलों में ग’श्ती का अवलोकन करेंगे. पुलिस की ग’श्ती बढ़ाई जाएगी और जिलों के पुलिस कप्तान खुद इसकी मॉनिटिरिंग करेंगे.
उन्होंने कहा की बार-बार ताकिद किये जाने के बावजूद कुछ पुलिस अधिकारी अपनी कार्यशैली में बदलाव नहीं ला रहे हैं. अ’पराध नियंत्रण की दिशा में असफल साबित हो रहे हैं, कई पुलिस अधिकारियों के सम्बन्ध में शिकायतें मिल रही हैं. डीजी टीम के औचक निरीक्षणोपरांत दो’षी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई निश्चित है.

गौरतलब हो की मुजफ्फरपुर न्यूज़ ने 4 दिन पूर्व 3 जून को ही 5 से 8 जून तक पटना के सभी 9 अनुमंडलों की समीक्षा प्रतिवेदन समर्पित करने के उपरांत वैशाली और मुजफ्फरपुर में डीजी टीम अ’पराध समीक्षा बैठक करने और जांचोपरांत शिथिलता बरतने वाले दर्जनों एसडीपीओ/डीएसपी पर संभावित कार्रवाई की खबर प्रकाशित की थी.