अलीगढ़ जैसा ही कां’ड मध्यप्रदेश के उज्जैन में भी सामने आया है. जिस तरह से अलीगढ़ में ढाई साल की बच्ची की नृ’शंस तरीके से ह’त्या की गई थी, वैसे ही उज्जैन में भी पांच साल की एक बच्ची की ब’लात्कार के बाद ह’त्या कर दी गई है.

बच्ची के माता-पिता उज्जैन के भूखी माता के पास बने एक ईंट भट्ठे पर काम करते थे. 6 जून की रात बच्ची परिवार के साथ सो रही थी. तभी रात के करीब 2 बजे उसके दादा की आंख खुली, तो वो कमरे में नहीं दिखी. फिर बच्ची को रातभर ढूंढा गया. लेकिन जब वो नहीं मिली तो सुबह 5 बजे पुलिस को इस बात की जानकारी दी गई.

मौके पर पुलिस पहुंची फिर उन्होंने भी तलाशी शुरू की. काफी ढूंढने के बाद दोपहर के वक्त बच्ची का श’व क्षिप्रा नदी के पास मिला. उस वक्त उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे और श’व के आस-पास खू’न से सनी ईंट और शराब की कई बोतलें पड़ी थीं.

पुलिस ने बच्ची के श’व को पोस्ट’मार्टम के लिए भेजा, तो श’व की हालत देखकर डॉक्टर भी चौंक गए. जब पोस्ट’मार्टम की रिपोर्ट सामने आई तो पता चला कि बच्ची के साथ रे’प हुआ है और ईंटों से कु’चलकर उसकी ह’त्या की गई है.

लेकिन पुलिस आ’रोपी तक नहीं पहुंच पाई थी. उज्जैन के एसपी “राकेश गुप्ता” ने आ’रोपी की गिर’फ्तारी के लिए 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. वहीं पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हि’रासत में लिया था और पूछताछ कर रही थी. इसी दौरान ईंट भट्ठे के पास ही रहने वाले शिवा रावव मराठा से पुलिस ने पूछताछ की तो वो जवाब नहीं दे पाया. पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया.

शिवा राव ने बताया कि वो महाकाल मंदिर के पास हार-फूल बेचता है. बच्ची के घर के पास रहने से वो बच्ची को पहचानता है. 6 जून की रात जब बच्ची अपने परिवार के साथ सो रही थी, तो उसने ईंट से मा’रकर घर का दरवाजा खोल दिया. सोते हुए ही वो बच्ची को उठाकर पास के खेत में ले गया. वहां उसने बच्ची से दरिं’दगी की और फिर ईंटों से कु’चलकर उसकी ह’त्या कर दी. बच्ची की बॉ’डी किसी को न मिले, इसके लिए उसने बॉ’डी को शिप्रा नदी में फें’क दिया.

पुलिस ने आ’रोपी शिवा के खिलाफ अ’पहरण, रे’प, ह’त्या और पाक्सो ऐक्ट के तहत केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है. वहीं इस घ’टना के बाद शहर के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है. उज्जैन के बार असोसिएशन ने कहा है कि कोई भी वकील आ’रोपी का केस नहीं लड़ेगा.

वहीं सोशल मीडिया पर पूरे दिन लोग आ’रोपी को फां’सी देने की मांग करते रहे.