यूं तो हम सभी जानते है कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिं’सा का इतिहास बहुत पुराना रहा है, लेकिन जब समय आता है चुनाव का तो अचानक से ही ऐसी घ’टनाएं बढ़ जाती हैं. और जहाँ तक बात करें 2019 के लोकसभा चनाव की तो ये इससे बिल्कुल भी दूर नहीं था. सात चरणों में हुए इस चुनाव के दौरान बंगाल में हर रोज कहीं न कहीं बीजेपी और टीएमसी के कार्यकर्ताओं के बीच मु’ठभेड़ की खबर आती-जाती रही हैं. अब चुनाव भी ख’त्म हो गया और नतीजे भी सामने आ गए हैं .

लेकिन अब भी बात करें पश्चिम बंगाल में हिं’सक घ’टनाओं के बारे में तो इसमे कोई कमी नहीं आई. आपको बता दें कि घ’टना 8 जून की देर रात की है, जिसमें बीजेपी और टीएमसी के कार्यकर्ता के बीच ज़ब’रदस्त झ’ड़प हुई और करीब 4 लोगों की मौ’त की खबर भी सामने आ रही है.

आपको बता दें कि उत्तरी परगना जिले में बासिरहाट शहर है इसके नजत इलाके में और साथ ही बता दे कि ये इलाका भारत-बांग्लादेश सीमा के पास पड़ता है. 8 जून की रात को नजत में दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता बासिरहाट अपने-अपने झंडे ह’टा रहे थे. इसी दौरान ऐसी कोई घ’टना हुई और वो आपस में भि’ड़ गए. और साथ ही घंटों हं’गामा होता रहा. इस हं’गामे के समय बीजेपी के कार्यकर्ता तपन मोंडल, सुकंता मोंडल और प्रदीप मोंडल की मौ’त हो गई.

और साथ ही टीएमसी के एक कार्यकर्ता कयूम मोल्ला की भी इस हिं’सक झ’ड़प में मौ’त हो गई. इसके बाद मा’मला ये हो गया कि बीजेपी और टीएमसी के नेता एक दूसरे को इस झ’ड़प के लिए जिम्’मेदार ठहरा रहे हैं आपको क्या लगता है इसका जि’म्मेदार कौन है.

Input : lallantop