UPDATE NAUGACHIA : आरा का सिपाही हूं, एक केस में पै’रवी कराना है!

PATNA : सख्त तेवर और अपनी खास कार्यशैली के लिए प्रसिद्ध बिहार के पुलिस कप्तान डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय अपने चिरपरिचित अंदाज में गुरुवार की अहले सुबह पांच बजे औचक निरीक्षण के क्रम में कैपिटल एक्सप्रेस ट्रेन से नवगछिया स्टेशन पहुँच सबसे पहले जीआरपी थाने गये. वहां पहुंच कर बैग और बॉडीगार्ड वहीं छोड़कर पैदल ही सिविल ड्रेस में निरी’क्षण को निकले. 1.5 किमी के रास्ते में एक बाइक सवार ताइक्वांडो के राष्ट्रीय खिलाड़ी जेम्स की बाइक पर बैठ कर नवगछिया थाने पहुंचे. जहां थाना का चौकीदार दातुन से मुंह धोता मिला.

सअनि राघव थाना परिसर में गुटका फांकतेे और मोबाइल पर बात करता मिला. चौकीदार के समीप खड़े होकर डीजीपी बोले, भइया, सिपाही हूं, आरा जिला से आया हूँ, एक केस में पै’रवी कराना है, कैसे होगा, कितना लगेगा और किससे बात करना होगा. कुर्सी पर बैठे-बैठे चौकीदार बोला, बड़ा बाबू को आने दीजिए. वहां बैठे एक एक युवक प्रदीप यादव से थाना आने का कारण पूछा. चौसा निवासी प्रदीप ने बताया कि तीन दिनों पूर्व चौसा के मुरली चौक से मेरा अपह’रण कर लिया गया था, मैं अपहर’णकर्ताओं के चं’गुल से भाग कर किसी तरह यहां पहुंचा हूं. इस पर डीजीपी ने मधेपुरा एसपी संजय शर्मा को फोन कर तत्क्षण इसकी जानकारी दी कि आपके जिले से अप’हृत युवक नवगछिया में घूम रहा है.

इसी बीच सूचना मिलते ही मीडियाकर्मियों की भीड़ थाने पर पहुंच गई. पत्रकारों को देख थाने में उपस्थित पुलिसकर्मियों को यह समझते देर नहीं लगी कि खुद को सिपाही बताने वाला यह शख्स बिहार का पुलिस कप्तान है. इसके बाद तो मानो सभी पुलिस कर्मियों को सांप सूंघ गया हो और वे बूत बन गये. डीजीपी ने पत्रकारों से अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रवेंद्र भारती को फोन लगाने को कहा और स्टेशन डायरी की जांच करने लगे जो 16 घण्टे से अधिक लंबित मिली.

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एसडीपीओ का फोन व्यस्त बता रहा था. तब तक डीजीपी थाना परिसर में ही स्थित महिला थाने की तरफ बढ़ गए. महिला थाने का मेन गेट बंद देख बोले, ऐसे थाने से जनता का क्या भला होगा. अंदर जाकर स्टेशन डायरी चेक किया, जो 46 घण्टे से लंबित पड़ी मिली. यहां से निकलकर एसएसटी थाने पहुंच गये. यहां भी डायरी 16 घण्टे से लं’बित थी. जबकि पुलिस मैनुअल के अनुसार स्टेशन डायरी को हर दो घण्टे में अद्यतन करना होता है. कर्तव्य निर्वहन में लाप’रवाही पाते हुये तीनों थानों की स्टेशन डायरी को ज’ब्त कर लिया गया.

इस बीच सूचना पर एसपी निधि रानी भागीं-भागीं पहुंची. एसपी को साथ लेकर डीजीपी एक खटारा सी जीप से रंगरा ओपी थाना पहुंचे. खटारा जीप देखते ही ओपी पर मौजूद पुलिसकर्मियों को सहसा विश्वास नहीं हुआ कि पुलिस महकमे के मुखिया अपने औचक निरी’क्षण के दौरान टी-शर्ट और लोअर कपड़ों में खटारा जीप से भी पहुँच सकते हैं वो भी इतनी सुबह. जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक डीजीपी थाने का नजारा और पुलिसकर्मियों की कार्यशैली देखकर सब कुछ समझ चुके थे. रंगरा ओपी में कार्य में लाप’रवाही पाने पर बड़ी कार्र’वाई करते हुए थानेदार प्रमोद साह से लेकर सिपाही तक को एक साथ निलं’बित कर दिया गया. डीजीपी की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़’कंप मच गया. बता दें कि रंगरा ओपी इलाके में मक्का व्यवसायियों से पिछले एक माह में लू’ट की दो बड़ी घट’नाएं घ’टित हुई थी, दोनों मामलों में कुल 18 लाख रुपये की लू’ट हुई थी. दोनों ही मामलों में अब तक कोई कार्र’वाई नहीं हुई है.

डीजीपी ने बताया की रंगरा थाना प्रभारी प्रमोद साह के खिलाफ पिछले कई दिनों से उनके द्वारा लाप’रवाही बरतने और कर्त्तव्य के प्रति गैर जि’म्मेदाराना कार्यशैली की शिकायतें प्राप्त हो रही थी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते 9 मई को ही डीएम ने लाेक शिकायत निवारण के मामले की सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर रंगरा थाना प्रभारी से स्प’ष्टीकरण की मांग की थी. इसमें तीन दिनाें के अंदर जवाब मांगा गया था. जानकारी के अनुसार लाेक शि’कायत निवारण मामलों की सुनवाई के दौरान न ताे थाना प्रभारी उपस्थित हाेते हैं और न रिपाेर्ट ही प्रतिवेदित करते हैं. नवगछिया एसपी और एसडीपीओ के निर्देश देने के बाद भी काेई सं’ज्ञान नहीं लेते हैं.

इसके बाद डीजीपी अपनी अगली मंजिल भागलपुल की ओर बढ़ चले. जहां उन्होंने एसएसपी कार्यालय में अप’राध और विधि व्यवस्था की समीक्षा की. इस दौरान एसएसपी को निर्देश दिया गया है कि वे अप’राधियों के खिलाफ प्रभावी रुप से रणनी’ति तैयार कर ठोस व कड़ी कार्र’वाई करें. उन्होंने कहा कि धर्म सम्प्रदाय, जाति मजहब के आधार पर किसी भी अप’राधी को किसी कीमत पर नहीं ब’ख्शा जाएगा.

भागलपुल में डीजीपी ने थानेदारों को चे’तावनी देते हुये सख्त ल’हजे में कहा कि वे अवै’ध वसू’ली और श’राब मा’फियाओं के साथ सां’ठगांठ के बारे में सोचें तक नहीं. यदि किसी भी थानेदार या अन्य पुलिसकर्मियों की संलि’प्तता की भनक लग गई तो उन्हें किसी कीमत पर नहीं ब’ख्शा जाएगा. अलीगंज में छात्रा पर हुए एसि’ड अटै’क मामले में डीजीपी ने पूरी जांच-पड़’ताल बारीकी से पूरी करने का निर्देश दिया है. समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने हाल ही में शहर में घ’टित कुछ आप’राधिक मामले में अब तक हुई कार्रवाईयों के बारे में एसएसपी आशीष भारती से जानकारी ली.

डीजीपी ने इसके अलावा एसएसपी को कई और दिशा निर्देश दिये हैं. सभी डीएसपी और एसडीपीओ को भी डीजीपी ने अपने अपने इलाके में सक्रिय रहने को कहा है. संगठित अप’राधकर्मियों की सूची बनाते हुये का’र्रवाई करने की बात कही है. लंबित वा’रंट, कु’र्की जप्ती सहित गं’भीर मामलों के कांड निष्पादन में तेजी लाते हुये स्पीडी ट्रायल के तहत ठोस सा’क्ष्य उपलब्ध करा कर अप’राधियों को स’जा दिलवाने की बात कही. अप’राध समीक्षा गोष्टी में डीआईजी विकास वैभव, एसएसपी आशीष भारती, सिटी एसपी सुशांत कुमार सरोज, सिटी डीएसपी राजवंश सिंह, लॉ एंड आर्डर डीएसपी निसार अहमद शाह, ट्रैफिक डीएसपी रत्न किशोर झा सहित सभी शहरी थानेदार व सर्किल इंस्पेक्टर मौजूद थे. इसके बाद डीजीपी का काफिला बांका की ओर रवाना हो गया.

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