भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली आलाकमान ने बिहार में अपनी जीती हुई 22 में से 10 लोकसभा सीटों पर हेर–फेर का मन बना लिया है.

पार्टी सूत्रों के अनुसार इनमें से कई सांसदों का टिकट कटेगा और कईयों की सीट एनडीए के दूसरे सहयोगियों को दी जा सकती है. साथ ही कई सांसदों के सीटों की अदला–बदला भी की जाएगी, ताकि पार्टी के जीतने के मौकों को बढ़ाया जा सके. भाजपा के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव ने ऐसा फीडबैक दिल्ली में दिया है.
अंग्रेजी अख़बार ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ ने भाजपा के सूत्रों के हवाले से यह खबर दी है. मालूम हो कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव भूपेन्द्र यादव को बिहार के सभी 40 लोकसभा सीटों के रिव्यू की जिम्मेदारी मिली है. इस दौरान वे भाजपा और अन्य एनडीए सहयोगियों की जमीन पर वास्तविक स्थिति का आकलन कर रहे हैं. भूपेन्द्र इनमें 17 लोकसभा सीटों का रिव्यू पहले कर चुके हैं, आगे 25 और 26 अक्टूबर को बाकी बची हुई 20 लोकसभा सीटों का रिव्यू करेंगे.
रिपोर्ट के अनुसार जो 10 लोकसभा सीट भाजपा आलाकमान के इस फैसले की चपेट में आयेंगे, उनमें बेगूसराय, दरभंगा, गोपालगंज, मधुबनी, पटना साहिब, सासाराम, सीवान और उजियारपुर शामिल हैं. इनमें बक्सर, गोपालगंज, पटना साहिब, सासाराम और सीवान लोकसभा क्षेत्रों का यादव पहले ही रिव्यू कर चुके हैं. भूपेन्द्र यादव ने बिहार में बीते 13 अक्टूबर तक तीन अलग–अलग बैठकों के बाद पार्टी के सीनियर नेताओं को यह फीडबैक दिया है.
गौरतलब है कि भाजपा अब जल्द से जल्द 2019 लोकसभा चुनावों के लिए अपनी तैयारियों की समीक्षा कर लेना चाहती है. ताकि अपनी जमीनी स्थिति का आकलन कर सके और सीटों को तय कर एनडीए सहयोगियों के लिए जगह छोड़ी जा सके.
बताया गया है कि 25 अक्टूबर को भूपेन्द्र यादव लखीसराय में अगला रिव्यू मीटिंग करेंगे. इसमें भागलपुर, जमुई, मुंगेर और बांका लोकसभा सीटों पर विचार किया जाएगा. इसी दिन दोपहर को बरौनी में समस्तीपुर, उजियारपुर, खगड़िया और बेगूसराय का रिव्यू होगा. साथ ही शाम में मुजफ्फरपुर में रिव्यू मीटिंग होगी. जिस दौरान वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और दरभंगा लोकसभा सीटों पर विचार होगा.
इसके बाद 26 अक्टूबर को सुपौल में पहली मीटिंग होगी, जिसमें सुपौल, मधेपुरा और झंझारपुर सीटों पर बात होगी. इसके बाद किशनगंज में पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार और अररिया लोकसभा सीटों का रिव्यू किया जाएगा.