बिहार के सारण जिले में एक स्कूल पर बा’ढ़ पी’ड़ितों ने पिछले 2 सालों से अपना आशियाना बना लिया है. 2017 में आई बा’ढ़ के बाद प्रशासन ने इन्हें स्कूल में रखने का निर्देश दिया था लेकिन 2 साल बाद भी इनका पु’नर्वास नहीं किया गया लिहाजा इन लोगों ने स्कूल को ही अपना घर बना लिया है और स्कूल के बच्चे अब ब’रामदे या पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ने को वि’वश हैं.

मा’मला रिविलगंज प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय रामेश्वर टोला का है जिसमें एक परिवार ने 2 साल से अपना आशियाना बना रखा है. यह परिवार 2017 में आई बा’ढ़ का विस्थापि’त है जिसे अ’स्थाई तौर पर स्कूल में रहने की अनुमति दी गई थी लेकिन 2 साल बाद भी यह परिवार स्कूल में रहने को म’जबूर है जिससे बच्चों की पढ़ाई बा’धित हो रही है.

हालांकि इस परिवार के रहने से जो परे’शानियां है उसे लेकर स्कूल के प्राचार्य कई बार आला अधिकारियों को अ’वगत करा चुके हैं लेकिन अब तक इस मा’मले में कोई का’र्यवाही नहीं हुई.

Input: News 18