PATNA (ARUN KUMAR) : पटना रेंज के थानेदारों के लिये एक सुखद खबर है. सेन्ट्र्ल रेंज के डीआईजी राजेश कुमार ने थानाध्यक्षों के तकलीफों को नजदीक से देख समझ और समीक्षा के उपरांत थानेदारों को तीन दिनों के छुट्टी की मंजूरी दी है. पटना और नालंदा जिले के थानाध्यक्षों को हर दो महीने में तीन दिनों की छुट्टी की स्वीकृति मिलेगी. थानाध्यक्षों की छुट्टी इस प्रकार व्यवस्थित हो कर दी जायेगी जिससे समस्त जिले में दो से अधिक थानाध्यक्ष एक साथ अवकाश पर न रह सकें.
शनिवार देर शाम इस संबंध में आदेश जारी करते हुये सेंट्रल रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक राजेश कुमार ने कहा कि सुबह से देर रात तक लगातार वि’धि व्यवस्था संधारण, ग’श्ती, मामलों का अनुसं’धान एवं छा’पेमारी जैसे कार्यों की अधिकता की वजह से थानाध्यक्ष लगभग 20 घंटों से भी अधिक व्यस्त रहते हैं. जिस कारण वे पर्याप्त नींद भी नहीं ले पाते हैं. जिसका उनके कार्यों में प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. साथ ही थानेदारों का त’नाव स्तर भी बढ़ जाता है.
डीआईजी श्री कुमार ने कहा कि समीक्षा के क्रम में यह बात प्रकाश में आयी है कि कार्य की अधिकता की वजह से थानाध्यक्षों को छुट्टी नहीं मिल पाती, जिससे वे अपने बच्चों की पढाई-लिखाई से संबंधित कार्य और अपने परिवार के सदस्यों की दुःख, तक’लीफ व उनके अ’स्वस्थ रहने की स्थिति में उपस्थित रहकर उनकी मदद नहीं कर पाते. साथ ही व्यस्तता के कारण स्वयं की भी स्वास्थ्य का खयाल न रखते हुये खुद की भी स्वास्थ्य जां’च और उपचार आदि नहीं करा पाते हैं.
उन्होंने कहा कि इन सभी उपरोक्त वर्णित तथ्यों के घोर मंथन के उपरांत यह फैसला लिया गया है कि थानाध्यक्षों की स्वास्थ्य का खयाल रखते हुये और उनके कार्यक्षमता में वृद्धि के लिये उन्हें दो माह में तीन दिनों की छुट्टी दी जायेगी.
इसके साथ ही डीआईजी श्री कुमार ने एक नई व्यवस्था लागू की है जिसके तहत थाना में ड्यूटी के दौरान थानाध्यक्ष रात्रि 12 बजे के बाद अपना सरकारी मोबाईल अपर थानाध्यक्ष के हवाले कर देंगे ताकि प्रात: 6 बजे तक वे पर्याप्त नींद लें जिससे वे कार्य के दौरान बेहतर प्रदर्शन करें और उनके तना’व का स्तर घट सके. इस दौरान वे एक निजी मोबाईल अपने साथ रखेंगे, जिसका नंबर अपर थानाध्यक्ष के साथ ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के पास होना चाहिये, जिससे आवश्यकता पड़ने पर आपा’त स्थिति में सम्पर्क स्थापित किया जा सके.
परन्तु किसी भी पर्व-त्योहारों एवं किसी विशेष प्रयोजन के दौरान रात्रि में भी अपना सरकारी मोबाईल साथ रखेंगे और गतिशील रहेंगे. साथ ही छापेमारी अभियान के दौरान भी वे मोबाईल अपने साथ रखेंगे.
