पाकिस्तान का कहना है कि जम्मू-कश्मीर की दो पनबिजली परियोजनाओं के दौरे की इजाजत न देकर भारत समझौते का उल्लंघन कर रहा है.
पाकिस्तान ने भारत पर सिंधु जल संधि के उल्लंघन का अारोप लगाया है. पीटीआई ने पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से खबर दी है कि इस जल संधि के उल्लंघन के लिए पाकिस्तान भारत के खिलाफ आक्रामक अभियान शुरु करेगा.
पीटीआई के अनुसार, स्थायी सिंधु जल आयोग पर पाकिस्तान के आयुक्त सैयद मेहर अली शाह ने कहा कि भारतीय जल आयुक्त ने 29 और 30 अगस्त को हुई वार्षिक बैठक में वादा किया था कि सितंबर के अंतिम हफ्ते में जम्मू-कश्मीर में 1,000 मेगावाट की पाकल दुल और 48 मेगावाट की लोअर कलनाई परियोजना के दौरे का प्रबंध किया जाएगा. फिर जम्मू-कश्मीर में स्थानीय चुनावों के कारण यह दौरा मध्य अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया था. इसके बाद भारतीय अधिकारियों से इस बारे में बात की गई, लेकिन एेसा नहीं लग रहा कि फिलहाल दौरा संभव होगा. पाकिस्तान के जल संसाधन मंत्री फैसल वावदा ने कहा कि वह चेतावनी नहीं देना चाहते, लेकिन इस पर देश में और देश के बाहर आक्रामक अभियान शुरू किया जाएगा क्योंकि यह संधि का गंंभीर उल्लंघन है.
भारत और पाकिस्तान ने नौ सालों की बातचीत के बाद 1960 में सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए थे जिसमें विश्व बैंक भी एक हस्ताक्षरकर्ता (सिग्नेटरी) है. संधि के तहत दोनों देशों के जल आयुक्तों को साल में दो बार मुलाकात करनी होती है और परियोजना स्थलों एवं महत्त्वपूर्ण नदी हेडवर्क के तकनीकी दौरे का प्रबंध करना होता है. …