#UP #INDIA : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पिछले साल दिसम्बर में हुई हिं’सा में शहीद हुए इंस्पेक्टर के परिजन ने वारदात के आ’रोपियों के जमानत पर रिहा होने पर उनके फूलमालाओं से स्वागत का वीडियो वायरल होने के बाद सरकार से ऐसे अराजक तत्वों को सलाखों के पीछे ही रखने की मांग की है. रविवार को सामने आए वीडियो में बुलंदशहर हिं’सा के अभियुक्तों शिखर अग्रवाल और जीतू फौजी का फूल माला पहनाकर स्वागत किये जाने और जश्न के माहौल में उनके समर्थकों को नारे लगाते देखा जा सकता है. पिछले साल तीन दिसम्बर को बुलंदशहर के महाव गांव के पास कथित रूप से प्रतिबंधित पशुओं के कंकाल बरामद होने के बाद हुई हिं’सा में शहीद इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के परिजन ने इस वीडियो पर सख्त एतराज जताया है.

सुबोध सिंह की पत्नी ने कहा कि इस फैसले से मैं बेहद दुखी हूं, मुझे नहीं समझ आ रहा कि किस आधार पर उन आ’रोपियों को जमानत पर रिहा किया गया. सुबोध सिंह की पत्नी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि रिहा हुए आ’रोपियों की जमानत को निरस्त किया जाए और जेल में दोबारा भेजा जाए.

उन्होंने कहा कि अगर किसी के समर्थक और रिश्तेदार जेल से छूटने पर उसका स्वागत करते हैं तो इससे सरकार और भाजपा का क्या लेना-देना है? विपक्ष को ऐसी चीजों को बढ़ावा नहीं देना चाहिए. गौरतलब है कि पिछले साल तीन दिसम्बर को बुलंदशहर के महाव गांव के पास गोवंशीय पशुओं के कंकाल बरामद होने पर भ’ड़की भीड़ की हिं’सा में इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की ह’त्या कर दी गयी थी. इस मामले के छह आ’रोपियों को अदालत ने शनिवार को जमानत पर रिहा कर दिया था