#MUZAFFARPUR #BIHAR #INDIA : चासबास जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शनिवार को गायघाट प्रखंड कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया। धरना सभा को संबोधित करते हुए नदी विशेषज्ञ रंजीव कुमार ने नदी पर बने बांधों को बाढ़ का प्रमुख कारण बताया। कहा कि आजादी के समय देश में नदियों पर 150 किलोमीटर में बांध था उस समय 25 लाख हेक्टेयर भू-भाग बाढ़ प्रभावित था। वर्तमान में 35 सौ किलोमीटर में बांध है अब बाढ़ प्रभावित क्षेत्र 80 लाख हेक्टेयर से अधिक हो गया है।

भाकपा(माले) केन्द्रीय कमेटी सदस्य मीणा तिवारी ने कहा कि बागमती बांध परियोजना की रिव्यू कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद सरकार को अगला कदम उठाना चाहिए। मोर्चा के संयोजक जीतेन्द्र यादव ने रिव्यू कमेटी को सक्रिय व अधिकार संपन्न बनाने, बागमती बांध को ऊंचा करने का प्रस्ताव वापस लेने, बांध से विस्थापित परिवार को पुनर्वास व मुआवजा देने, बाढ़ पीड़ितों को सहायता राशि देने व पूरे गायघाट को बाढ़ व सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग सरकार से की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता ठाकुर देवेन्द्र कुमार ने की। सभा को रामलोचन सिंह, उपेन्द्र सिंह, नवलकिशोर सिंह, रणजीत कुमार, मोनाजिर अहसन व दीपक कुमार झा ने भी संबोधित किया। धरना सभा में सैंकड़ों लोग शामिल हुए।

