#BIHAR #INDIA : राज्य के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत राज्यभर के सभी शिक्षकों की सम्पूर्ण जानकारी अब एक ही जगह इकट्ठा होगी। एक क्लिक से शिक्षक की पूरी कुंडली जानी जा सकेगी। विश्व बैंक के सहयोग से टीचर इन्फॉरमेशन मैनेजमेंट सिस्टम (टेमिस) के तहत ये जानकारियां इकट्ठी की जाएंगी।

इस योजना को लेकर शुक्रवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक विश्व बैंक की टीम के साथ हुई। बैठक में कई एजेंडों पर बातचीत हुई लेकिन मुख्य फोकस शिक्षकों का डाटा तैयार करने पर रहा। बीईपी कार्यालय में हुई इस बैठक में वर्ल्ड बैंक की टीम का नेतृत्व विवेक कुमार ने किया, जबकि बीईपी के राज्य परियोजना निदेशक संजय सिंह के साथ शोध प्रशिक्षण निदेशक विनोदानं झा और एससीईआरटी, बीईपी, शोध प्रशिक्षण निदेशालय के अफसर शामिल हुए। बैठक के बाद बीईपी निदेशक ने बताया कि शिक्षकों के डाटा संग्रह को लेकर एक साफ्टवेयर तैयार किया गया है। इसकी प्रस्तुति विश्व बैंक की टीम के समक्ष की गयी। उनकी स्वीकृति मिलने के बाद नवम्बर-दिसम्बर से डाटा कलेक्टशन का कार्य आरंभ हो जाएगा तथा इस शैक्षिक सत्र के अंत तक सभी शिक्षकों का ब्योरा एक जगह इकट्ठा रहेगा।

टेमिस के तहत डाटा कलेक्शन के माध्यम से शिक्षकों का नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, शिक्षा, नौकरी के पहले क्या करते थे, क्या पढ़ाते हैं, टीईटी का रोल नम्बर क्या था आदि सम्पूर्ण जानकारी एक क्लिक करते ही सामने आ जाएगी। इस सॉफ्टवेयर का पासवर्ड शिक्षकों को दिया जाएगा और वे खुद अपनी जानकारी को चेक कर सकेंगे। इससे जहां शिक्षकों के पदस्थापन, रेशनलाइजेशन, प्रमोशन में सुविधा होगी, वहीं डुप्लीकेसी भी रोकी जा सकेगी। यह संभव ही नहीं हो पाएगा कि एक सर्टिफिकेट पर कोई दो जगह नियुक्त हो जाए या दो जगह अपनी पोस्टिंग करा सके। श्री सिंह ने बताया कि बैठक में निष्ठा योजना के तहत शिक्षकों के प्रशिक्षण की भी समीक्षा की गयी। राज्य के सभी पौने चार लाख शिक्षकों को इसके तहत एनसीईआरटी द्वारा तैयार मॉडल के आधार पर ट्रेनिंग फरवरी मध्य तक सभी को ट्रेनिंग दे देनी है। फिलहाल एससीईआरटी में निष्ठा के मास्टर ट्रेनरों की ट्रेनिंग चल रही है।
