#PATNA #BIHAR #INDIA : रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा ने आ’रोप लगाया है कि आरक्षण की ऐसी व्यवस्था बना दी गई है कि इसका लाभ अनारक्षित वर्ग के लोगों को मिल रहा है। 20 प्रतिशत अनारक्षित वर्ग के लिए 50 प्रतिशत नौकरी हो गई है। शेष 50 प्रतिशत में आरक्षित वर्ग के 80 प्रतिशत लोगों को लिया जा रहा है। बिहार लोक सेवा आयोग की दो दिन पहले घोषित रिजल्ट में अनारिक्षित वर्ग का कट ऑफ 588 अंक है और पिछड़ी जाति के लिए 595 अंक है। ऐसा ही दूसरे राज्यों में भी हो रहा है।

पार्टी कार्यालय में बुधवार को प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को बदलने के लिए उनकी पार्टी राष्ट्रपति को ज्ञापन देगी। अन्य दलों का भी साथ लेगी। राज्य सरकार को भी अविलम्ब विशेष सत्र बुलाकर एक संकल्प पास कराकर केन्द्र को भेजना चाहिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मसले पर चुप हैं। प्रधानमंत्री चुनाव में खुद को पिछड़ा बताते हैं, लेकिन उनके शासन में ही ऐसा हो रहा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश पर यह व्यवस्था है। कोर्ट ने भी कहा है कि उसने कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार फैसला लिया है। केन्द्र सरकार कई मामलों में कोर्ट के आदेश को बदलने के लिए आध्यादेश ला चुकी है। फिर इस मामले में हस्ताक्षेप क्यों नहीं करती।

