भारत-पाकिस्तान के बिगड़ते रिश्तों के बीच भारतीय डाक विभाग ने पाकिस्तान भेजे जाने वाले डाक के आदान-प्रदान पर रोक लगा दी है। यह आदेश पार्लियामेंट स्ट्रीट भारत सरकार के डाक भवन की ओर से जारी किया गया है। भारतीय पोस्टल सर्विस बोर्ड के सचिव व इंटरनेशनल रिलेशन एंड ग्लोबल बिजनेस के डिप्टी डीजी टी.क्यू. मोहम्मद की ओर से जारी पत्र में पाकिस्तान भेजे जाने वाले पत्रों की बुकिंग और कलेक्शन पर अगले आदेश तक रोक लगाई गई है। ऐसे में भारतीय मूल के जो लोग या उनके सगे-संबंधी सरहद पार पाकिस्तान में बसे हैं उनकी अब पत्राचार की आस भी टूटती दिख रही है।
रोक लग जाने से बिहार समेत देश के अन्य हिस्सों में बसे लोगों में मायूसी है। बिहार के चीफ पोस्टमास्टर जनरल डॉ. एमई हक ने बताया कि यह साधारण प्रक्रिया है। जब भी रिश्ते बिगड़ते हैं तो कुछ दिनों के लिए बुकिंग रद्द कर दी जाती है। हालात सुधरने पर शुरू कर दी जाती है। इस संबंध में हाजीपुर प्रधान डाकघर के अधीक्षक यू.सी. प्रसाद से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में मेल आया है। उन्होंने बताया कि पत्र भारत सरकार के पोस्टल डिपार्टमेंट से जारी किया गया है, जिसमें सभी प्रधान डाकघरों को सूचित करने की बात कही गई है।

अगले आदेश तक पाकिस्तान नहीं भेज सकेंगे चिठ्ठी-स्पीड पोस्ट
बताया गया है कि अगले आदेश तक पाकिस्तान के लिए किसी भी तरह के पत्र, पार्सल, रजिस्ट्री या फिर स्पीड पोस्ट को बुक नहीं किया जाए। उन्होंने बताया कि इस मेल से सोमवार को सभी डाकघरों और उप डाकघरों को सूचित कर दिया जाएगा। यू.सी. प्रसाद के अनुसार पत्र में कहा गया है कि यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन का उलंघन करते हुए पाकिस्तान ने 23 अगस्त 2019 से ही भारत में डाक भेजना बंद कर दिया है। इसको देखते हुए भारत सरकार के संचार मंत्रालय के डाक विभाग की ओर से इस तरह का पत्र जारी किया गया है।
