बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार ने बिहार के बाढ़ पीड़ितों की दिवाली रोशन करने की पहल की है। वह ‘हिन्दुस्तान’ टीम की ओर से चुने गए बिहार के 25 बाढ़ प्रभावित परिवारों को चार-चार लाख रुपये के चेक देंगे, ताकि वे नुकसान से उबरकर सामान्य जीवन जी सकें। बिहार ने इस बार भारी बारिश और फिर बाढ़ का दंश झेला। तमाम लोग बेघर हुए और भारी नुकसान झेला। बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार ने प्रभावित लोगों की सेवा की इच्छा जताई तो आपके प्रिय अखबार ‘हिन्दुस्तान’ टीम ने इसे अभियान के तौर पर लिया। ‘हिन्दुस्तान’ टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गांव-गांव घूमी और ऐसे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई, जिनकी हालत काफी खराब थी। ये ऐसे परिवार हैं, जिनकी सारी जमा-पूंजी बाढ़ में बर्बाद हो गई। इनमें वे लोग भी हैं जो दूसरों को रोजगार देते थे, पर अब खुद रोजी-रोटी के लिए भटक रहे हैं। वहीं, कई तो मजदूरी कर अपने बच्चों की परवरिश कर रहे हैं। इन परिवारों के लिए अक्षय कुमार की पहल संजीवनी से कम नहीं है।

इनमें पटना की रामकृष्ण कॉलोनी (बाजार समिति) के मछली का व्यवसाय करने वाले दो परिवार भी हैं। बाढ़ से इनकी पूरी पूंजी डूब गई। रोज औसतन पांच से छह सौ रुपए कमाने वाला यह परिवार अब लोगों से उधार लेकर काम चला रहा है। इसी तरह मुजफ्फरपुर के लदौर (गायघाट) के किराना दुकानदार को भी बाढ़ से भारी नुकसान हुआ। पांच सदस्यों का यह परिवार अभी कर्ज लेकर परचून दुकान चला रहा है। वहीं, दरभंगा के कुमरौल (घनश्यामपुर) में किराना दुकान और आटा चक्की से पलने वाला 10 सदस्यों का परिवार भी कर्ज लेकर गुजारा कर रहा है।

सिरसिया (हसनपुर) समस्तीपुर में 12 सदस्यों के परिवार के मुखिया आटा चक्की चलाते थे। बाढ़ से चक्की मशीन बर्बाद हो गई। अभी यह परिवार कर्ज से चल रहा है। वहीं, मेदनीचगर (नाथनगर) के भागलपुर का बुनकर परिवार भी पावरलूम मशीन और धागा पानी में डूबने से बर्बाद हो गया। छह सदस्यों का यह परिवार अभी मजदूरी कर पेट पाल रहा है। पूर्णिया के सिमरा (टिकापट्टी) में आठ सदस्यों के परिवार के मुखिया की किराना व पान की दुकान बाढ़ में दुकान बह गई। अपने सामाजिक सराकोरों से दूसरों को प्रोत्साहित करने वाले अक्षय कुमार की यह पहल ऐसे परिवारों के लिए संजीवनी से कम नहीं है।

ऐसे चयन हुआ
– अक्षय कुमार ने पुनर्वास के लिए 1 करोड़ रुपये खर्च करने की पहल की।
– ‘हिन्दुस्तान’ टीम ने गांवों में घूमकर जानकारी जुटाई।
– ऐसे परिवार चुने गए, जिनकी सारी जमा-पूंजी बाढ़ में तबाह हो गई।
– इनमें सर्वाधिक प्रभावित 25 लोगों का चयन किया गया।