
नए नियमों के बाद ग्राहक तीन कामकाजी दिन में अपने नंबर को पोर्ट कर सकेंगे। वहीं दूसरे सर्कल में नंबर पोर्ट पांच कामकाजी दिन में पोर्ट करा पाएंगे।अभी इसमें 15-20 दिन लग जाते हैं। हालांकि पोर्टिंग कोड तभी मिलेगा जब ग्राहक सभी शर्तें पूरी करता होगा। जैसे कम से कम 90 दिन से उसके पास किसी कंपनी का सक्रिय कनेक्शन हो। उसे सभी बकाया चुकाना होगा। नंबर पोर्ट न करने की कोर्ट या कोई अन्य कानूनी पाबंदी न हो। पोर्टिंग कोड सिर्फ चार दिन ही वैध रहेगा। इन बदलावों के लिए 10 से 15 दिसंबर तक पोर्टिंग सुविधा बंद रखी गई है।

अगर समयसीमा फिर नहीं बढ़ती है तो सभी राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर डिजिटल भुगतान की व्यवस्था फास्टैग 15 दिसंबर (14 दिसंबर रात 12 बजे के बाद से) लागू हो जाएगी। यह सभी निजी व व्यावसायिक वाहनों के लिए है। अगर आपके फास्टैग नहीं है और आप फास्टैग की लेन में वाहन लेकर प्रवेश करते हैं तो आपसे दोगुना टोल वसूला जाएगा। राजमार्गों पर अभी एक हाइब्रिड लेन होगी, जहां बिना फास्टैग के वाहनों से शुल्क वसूली होगी।

बैंक सोमवार से 24 घंटे एनईएफटी कर सकेंगे यानी कभी भी ऑनलाइन पैसा भेजने या लेने की सुविधा ग्राहकों को मिलेगी। 15 दिसंबर की रात 12.30 बजे से यह सुविधा शुरू हो जाएगी। अभी सभी कामकाजी दिनों में सुबह 8 बजे से शाम सात बजे तक ही एनईएफटी की सुविधा है। इसमें लेनदेन विफल रहने पर दो घंटे के भीतर पैसा लौटाना होगा और क्रेडिट का एसएमएस भी देना होगा। एनईएफटी-आरटीजीएस पर शुल्क पहले ही खत्म किया जा चुका है।